पहले कॉपियों पर स्टेपल किया जाता था। अक्सर शिकायतें आती थीं कि स्टेपल की पिन निकाल कर कॉपियां बदल दी गईं हैं। हालांकि, इन शिकायतों के बाद यह साबित करना मुश्किल होता था कि कॉपियां बदली गईं हैं, लेकिन बार कोड लगाए जाने के बाद अब किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं रह जाएगी। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि नकल विहीन और पारदर्शी परीक्षा के मद्देनजर बोर्ड ने ये महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।