केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने भी मुख्यमंत्री के पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। इसके बाद इस मामले ने तुल पकड़ लिया है और जांच में तेजी लाई गई है। हालांकि, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का कहना है कि अभी केंद्रीय राज्यमंत्री की शिकायत से संबंधित कोई पत्र नहीं आया है। उनका कहना है कि प्रबंधक से शिकयतों की बाबत बिंदुवार जवाब मांगा गया था। उनका जवाब भी आ गया है। जवाब की समीक्षा के साथ आगे की जांच की जा रही है। एक सप्ताह में रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का कहना है कि यदि शिकायत सही है तो नियुक्ति रद्द की जाएगी। अन्य शिकायतों पर रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, मदरसे के प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर नियुक्ति पाने वाले एक शिक्षक को हटा दिया गया है। इसलिए वह गलत शिकायतें कर रहे हैं।