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यूपी बोर्डः दस दिनों में होगा 12 लाख कॉपियों का मूल्यांकन

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UP board answer book evaluation to be held today - फोटो : ALDCOMPACT
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन 16 मार्च से शुरू होने जा रहा है। दस दिनों में तकरीबन 12 लाख कॉपियों को जांचे जाने का लक्ष्य निर्धारित है। मूल्यांकन कार्य 26 मार्च तक पूरा करना है और इसके लिए कुल साढ़े पांच हजार से अधिक परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। कॉपियों के मूल्यांकन के लिए प्रयागराज में बनाए गए सभी 10 केंद्रों में तैयारी पूरी कर ली गई है।
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दस केंद्रों में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की कुल 11 लाख 97 हजार 117 कॉपियों का मूल्यांकन होना है। इनमें हाईस्कूल की छह लाख 92 हजार 955 कॉपियां और इंटरमीडिएट की पांच लाख चार हजार 162 कॉपियां शामिल हैं। मूल्यांकन के लिए 5644 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें से 3421 परीक्षक हाईस्कूल और 2223 परीक्षक इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे।

इन केंद्रों में होगा मूल्यांकन
हाईस्कूल

मूल्यांकन केंद्र-परीक्षक,-कॉपियां
भारत स्काउट एंड गाइड-650-137125
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज-655-127965
डॉ. केएन काटजू इंटर कॉलेज-741-243238
जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज-547-105624
केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज-828-79003

इंटरमीडिएट
मूल्यांकन केंद्र-परीक्षक,-कॉपियां
अग्रसेन इंटर कॉलेज-302-77458
केपी इंटर कॉलेज-325-91206
राजकीय इंटर कॉलेज-770-160282
जमुना क्रिश्चियन इंटर कॉलेज-394-89164
क्रॉस्थवेट गर्ल्स इंटर कॉलेज-432-86052

कोरोना से बचाव के लिए मूल्यांकन टालने की मांग
कोरोना से बचाव के लिए यूपी बोर्ड ने मूल्यांकन केंद्रों में जरूरी तैयारियां कर रखी हैं लेकिन शिक्षक इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मांग है कि कम से कम 22 मार्च तक मूल्यांकन कार्य टाल दिया जाए। हालांकि यूपी बोर्ड सचिव की ओर से पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि हर परीक्षक को एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी पर बिठाने सहित सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए जाएं।
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वहीं, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि मूल्यांकन केंद्रों को निर्गत दिशा-निर्देश पूर्णतया अव्यवहारिक है और इस दिशा में कहीं कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रदेश महामंत्री ने मांग की है कि 16 मार्च से शुरू होने वाले मूल्यांकन कार्य को 22 मार्च तक स्थगित कर दिया जाए।
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