मंत्री नंदी का लखनऊ स्थित आवास छह कालिदास मार्ग।
- फोटो : प्रयागराज
नंद गोपाल नंदी दोबारा जीते चुनाव
दरअसल, इस बंगले में रहने वाले कबीना मंत्री नंद गोपाल नंदी ने दोबारा जीत का परचम लहराया है। इस बंगले की पूरी कहानी आज हम आपको बताते हैं...
बंगले में रहने वाले नेताओं का गिरा ग्राफ
कहा जाता है कि इस बंगले में रहने वाला कोई भी विधायक दोबारा विधानसभा में नहीं पहुंच पाता। जो भी बड़े और दिग्गज चेहरे इस बंगले में रहे, उनका राजनीतिक ग्राफ गिरता चला गया. चाहे वह अमर सिंह हों, आशु मलिक हों या वकार अहमद शाह... तमाम ऐसे नेता हैं जो जीत के बाद यहां रहने आए, लेकिन समय के साथ उनका ग्राफ ऊपर जाने की जगह जमीन की ओर गिरने लगा। शायद यही वजह थी कि कोई भी इस बंगले में नहीं रहना चाहता था।
नंद गोपाल नंदी की बदौलत टूटा मिथक
जब 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आई, तो यह बंगला नंद गोपाल नंदी को अलॉट किया गया। योगी के मंत्री नंदी ने कई सालों बाद इस मिथक को तोड़ दिया है और बंगले को 'अशुभ' से सामान्य की कैटेगरी में लेकर आ गए हैं।