पूर्व विधायक अब तक आठ बार चुनाव लड़ चुके हैं। जिसमें चार बार उन्हें विजय मिली है। कांग्रेस के टिकट पर वह 2007 और 2012 में विजयी हुए थे। इसके पूर्व 1985 में लोकदल और 1989 में जनता दल के टिकट पर भी चुनाव जीता था। इस बार वह नौवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। शहर उत्तरी से अपने नाम का टिकट एलान होने के बाद पूर्व विधायक अनुग्रह
नारायण सिंह ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताया। कहा कि कांग्रेस के टिकट पर वह चौथी बार मैदान में हैं। उन्हें जनता का फिर से आशीर्वाद मिलेगा।
प्रभारी सचिव बाजीराव खाडे ने कहा है कि कार्यकर्ताओं में जोश भरा। कहा कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर वह यहां प्रत्याशी की घोषणा करने आए हैं। केंद्रीय कमेटी और राज्य कमेटी योग्य लोगों की तलाश कर रही है, जो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत स्थिति में खड़ा करें और अपनी सीटों पर विजय हासिल कर 2022 में पार्टी को सत्ता पर काबिज करें। उन्होंने पार्टी की आगामी रणनीतियों पर भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र की सरकार को निशाने पर लिया। कहा कि देश में बदलाव नहीं हुआ तो सत्ता में बैठे लोग संविधान बदल देंगे। उन्होंने किसानों की अनदेखी की चर्चा की। कहा कि सरकार को किसानों की अनदेखी भारी पड़ेगी।
बैठक की अध्यक्षता शहर अध्यक्ष नफ़ीस अनवर ने की। संचालन राज्य समिति के सदस्य किशोर वार्ष्णेय ने किया। प्रभारी सचिव राघवेंद्र प्रताप सिंह, विजय मिश्रा, फुजैल हाशमी, सुरेश यादव, सुभाष पांडे, अखिलेश यादव, संजय तिवारी, प्रदीप अंशुमन, अजय सिंह, हरकेश त्रिपाठी, अक्षय यादव, अल्पना निषाद, तस्लीमउददीन, राम मनोरथ सरोज, परवेज सिद्दीकी, सुधीर दीक्षित, रवीन्द्र सिंह, निखिल श्रीवास्तव, प्रदीप द्विवेदी, संजय सिंह, रोहन सिंह, इशरत चाँद, राजेश राकेश, अनूप सिंह सहित सैकड़ों शामिल थे।