Prayagraj News : साध्वी ऋतंभरा के साथ केशव प्रसाद मौर्य। फाइल फोटो
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पहली बार अशरफ के खिलाफ लड़े चुनाव
भाजपा ने उन्हें 2004 में प्रयागराज की शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ के खिलाफ चुनाव लड़ाया। यह उपचुनाव था। अतीक अहमद के फूलपुर से सांसद चुने जाने पर यह सीट रिक्त हुई थी। इस चुनाव में केशव को पराजय का सामना करना पड़ा और राजू पाल के सिर जीत का सेहरा बंधा। वर्ष 2007 में भी शहर पश्चिमी से उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सिराथू से जीत हासिल की। इससे पहले यहां कभी भाजपा का कमल नहीं खिला था। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में केशव इलाहाबाद जनपद (अब प्रयागराज) की फूलपुर सीट से सांसद बने।
विधायकी छोड़कर इस चुनाव में उतरे केशव ने फूलपुर लोकसभा सीट पर भी पहली बार भाजपा का परचम लहराया। इसके ठीक दो साल बाद भाजपा ने केशव का कद बढ़ाते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में सूबे में प्रचंड बहुमत की सरकार बनने पर उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया। इस पद के लिए पार्टी ने उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया। अब 2022 में भाजपा ने उन्हें फिर से सिराथू विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया है।
सिराथू से रहा है केशव का गहरा लगाव
केशव प्रसाद मौर्य की शादी सिराथू क्षेत्र के ही खूजा गांव की राजकुमारी से हुई है। उनके बड़े भाई सुखलाल समेत परिवार के सभी सदस्य आज भी सिराथू में ही रहते हैं। राजनीति में भी उन्हें सिराथू से ही मुकाम मिला है।