पल्लवी पटेल अपनी मां कृष्णा पटेल के साथ (फाइल फोटो)
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कई दावेदार थे मैदान मेंदरअसल, इस सीट से आनंद मोहन पटेल, कैलाश केसरवानी, विक्की साहू, दिलीप पटेल समेत पार्टी के दर्जनभर नेता टिकट मांग रहे थे। इधर हफ्ते भर से तो सिराथू के जातिगत समीकरण को देखते हुए आनंद मोहन पटेल, दिलीप पटेल व अपना दल (कमेरावादी) की मुखिया कृष्णा पटेल अथवा उनकी बेटी पल्लवी पटेल का नाम सुर्खियों में चल रहा था।
अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल
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सभी दावेदारों से मिले थे अखिलेशदावेदारों की लंबी फेहरिस्त के कारण सपा मुखिया अखिलेश यादव ने संभावित बगावत को देखते हुए सभी को राजधानी लखनऊ बुलाकर वार्ता की। मंगलवार को हुई वार्ता के दौरान अखिलेश ने संदेश दिया कि सिराथू सीट को हर हाल में जीतना है। इसके लिए पार्टी सोच-समझकर फैसला लेगी। लिहाजा, सभी दावेदार निष्ठा के साथ पार्टी के काम में लग जाएं।
2017 में शीतला प्रसाद चुने गए थे विधायक
अगले ही दिन बुधवार की सुबह पार्टी ने पल्लवी पटेल को अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया। बता दें कि 2017 के चुनाव में यहां भाजपा के शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल विधायक निर्वाचित हुए थे। इस बार पप्पू पटेल का टिकट कटने के साथ ही ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हुए विवाद से पटेलों में नाराजगी है। सिराथू में संख्या के हिसाब से पटेल तीसरे बड़े वोटर हैं।
यहां पहले नंबर पर 60 हजार पासी व दूसरे पर 50 हजार मुस्लिम मतदाता है। इसे देखते हुए सपा ने पल्लवी पटेल को मैदान में उतारा है। पार्टी का मानना है कि यादव-मुस्लिम के साथ पटेल के गठजोड़ से मुकाबला काफी दिलचस्प होगा। इसी रणनीति के सहारे सपा सिराथू में सियासत की करवट बदलना चाहती है।