इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पहली बार वार्षिक कैलेंडर जारी किया गया। यह कैंलेंडर अपने-अपने क्षेत्र में ख्यातिप्राप्त विश्वविद्यालय के पुराछात्रों को समर्पित है। विश्वविद्यालय के अकादमिक परिसर में पाण्डुलिपि एवं लिपि शास्त्र विषय पर शुक्रवार को शुरू तीन सप्ताह की कार्यशाला में कैलेंडर का विमोचन किया गया।
कैलेंडर में हर महीने का पेज एक महापुरुष को समर्पित है। इसमें महामना मदन मोहन मालवीय, पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा, चंद्रशेखर, भारत के मुख्य न्यायाधीश और अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के न्यायाधीश रहे आरएस पाठक, कवियत्री महादेवी वर्मा, साहित्यकार कमलेश्वर, मूधुशाला के रचयिता हरिवंश राय बच्चन, भावातीत ध्यान के प्रणेता महर्षि योगी, स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन, गणितज्ञ हरिश्चंद्र, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत शामिल हैं। कैलेंडर में इन महापुरुषों के बारे में संक्षिप्त विवरण भी दिया गया है।
मुख्य अतिथि ओडीसी केंद्रीय विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुरभि बनर्जी ने पाण्डुलिपि एवं लिपि शास्त्र के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार की ढेरों संभावना है। प्रोफेसर बनर्जी ने पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में कोर्स शुरू करने का सुझाव दिया, जिसमें पाण्डुलिपि एवं लिपि शास्त्र भी शामिल हो। विशिष्ट अतिथि डॉ.एनसी कर ने राष्ट्रीय पाण्डुलिपति मिशन के बारे में जानकारी दी। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू ने कश्मीर के संस्कृत विद्वानों विशेषकर वासुकि एवं कल्हण के पाण्डुलिपि लेखन पर प्रकाश डाला। इससे पहले प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर यूसी चट्टोपध्याय ने अतिथियों का स्वागत किया। पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ.बीके सिंह ने संचालन किया।