ज्योतिषाचार्य ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक आठ मार्च को महाशिवरात्रि पर ग्रह-नक्षत्रों का ऐसा मिलन तीन सौ साल के बाद हो रहा है। उनका कहना है कि इस महाशिवरात्रि पर त्रिग्रही योग में भगवान शिव की आराधना से सुख-समृद्धि के द्वार खुलेंगे। महाशिवरात्रि पर शिवालयों में कहीं पुष्पहार, मदार, धतूर के फूलों-पत्तियों से शृंगार झांकी सजाई जाएगी तो कहीं रजत आभूषणों से बाबा का शृंगार होगा। भोलेभक्त अपनी -अपनी कामनाओं को लेकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे।
महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में खास तैयारियां की जा रही हैं। अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में भी फूलों-हरी पत्तियों से महादेव का शृंगार किया जाएगा। वहां महाशिवरात्रि पर दिनभर रुद्राभिषेक और आहुतियां होंगी। इसी तरह यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में रजत आभूषणों से शृंगार किया जाएगा।
शुक्रवार की भोर में चार बजे मंगला आरती होगी। इसी के साथ आम भक्तों के लिए दर्शन-पूजन आरंभ हो जाएगा। दिन के 12 बजे भोग आरती होगी। इसके बाद रात 10 बजे शृंगार आरती की जाएगी। रंग-बिरंगी झालरों और फूलों से मंदिर को भव्य सजा दिया गया है। मंदिर के पुजारी श्रीधरानंद ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर बाबा का चांदी के आभूषणों से शृंगार होगा। दिन भर भंडारा भी चलेगा।