फिजिक्स का शौक सोहेल सर की वजह से जगा
मुझे फिजिक्स का शौक इंजीनियर सोहेल तैयब सर की वजह से आया। वह मुझे कक्षा 11 मेें पढ़ाते थे। वह सबसे अलग थे। उन्होंने मुझे मुफ्त ें भी पढ़ाया। इसके बाद फिजिक्स से जुड़ाव हुआ और मैं कई किताबें पढ़ता गया। फिजिक्स मुझे अच्छा लगने लगा।
कोचिंग में कॅरियर बनाने का नहीं था इरादा
कोई भी कोचिंग में कॅरियर बनाने की नहीं सोचता है। मैने भी नहीं सोचा था। पिता जी को लगता था बेटा पढ़ लिखकर अच्छी नौकरी करे। बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते कोचिंग में मचा आने लगा। इसके बाद ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाने लगा।
चार हजार में कराते हैं फिजिक्स, आईआईटी की तैयारी
फिजिक्स वाला एप पर चार हजार में आईआईटी और मेडिकल की तैयारी कराते हैं। हमने कभी इसके लिए मार्केटिंग नहीं की। कभी किसी हीरो से अपने एप का प्रचार नहीं कराया। हमने बच्चों की सुनीं। बच्चे जो कमेंट करते थे उसके अनुसार लगातार सुधार किया गया
यूट्यूब चैनल पहले नहीं चला
जब मैने यू ट्यूब चैनल बनाया तो उस पर सब्सक्राइबर नहीं थे। शुरुआत में 12 वीडियो डालने पर 20-30 लाइक्स मिले। फिर ऑनलाइन पढ़ाना छोड़ दिया। कुछ समय बाद दोबारा यूट्यब चैलन पर पढ़ाना शुरू कर दिया। छह मई 2018 में चैलन पर 50 हजार सब्सक्राइबर हो गए। हमें पता नहीं था कि यूट्यब से कैसे विज्ञापन मिलता है। दो साल तक कोई विज्ञापन नहीं लिया।
कोरोना काल में बनाया फिजिक्स वाला एप
फिजिक्स वाला एप बनाने पर काफी समय से विचार चल रहा था। कोरोना काल में सब कुछ ठप हो गया। इसके बाद बच्चों के कमेंट आने लगे कि एप लांच कर दिजिए। 2020 में ही एप लांच किया गया। हमने तीन हजार में आईआईटी और मेडिकल की तैयारी शुरू कराई। कुछ लोग पहले कमेंट करते थे कि तीन हजार में कैसे कोई तैयारी करा लेगा, लेकिन हम जिस परिस्थिति से आते हैं उसको ध्यान में रखकर फीस रखी गई।
कम संसाधन नहीं हौसला बड़ा होना चाहिए
मैंने बचपन से ही संघर्षों के दिन देखें। इसलिए संसाधन नहीं हौसला बड़ा होना चाहिए। मैं हमेशा सोचता था कि कुछ बड़ा करना है। अपने बच्चों के साथ जुड़ाव रहा। उसी का नतीजा है कि हम यहां तक पहुंचे।
75 करोड़ तक का ऑफर ठुकराया
मुझे पढ़ाने के लिए कई ऑफर आए, लेकिन मैं गया नहीं। एक शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनी का 75 करोड़ का ऑफर भी ठुकराया। मेरा मानना है कि मैं देश के बच्चों केप्रेरणा हूं। अगर मैं भी पेसे के लिए किसी कंपनी में चला जाता तो बच्चों के बीच संदेश जाता कि अलख पांडेय भी पैसे के लिए चले गए।
लोन लिया और पढ़ाई भी छोड़ी
मैंने इंजीनियर की पढ़ाई के लिए 1.60 लाख बैंक से लोन लिया था। बाद में मैंने पढ़ाई भी छोड़ दीञ। किसी तरह बाद में लोन चुकाया।