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Prayagraj : जल पुलिस के बेड़े में शामिल हुआ अंडर वाटर ड्रोन, डूबे श्रद्धालु को पलक झपकते खोज निकालेगा

Thu, 01 Aug 2024 05:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगम तट पर हादसों को रोकने के लिए जल पुलिस व एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहती हैं। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होने के चलते उनकी सुरक्षा पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसी को देखते हुए महाकुंभ में हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल कर सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की योजना बनाई गई है।
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अंडरवाटर ड्रोन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अक्सर देखा गया है कि नदी में डूबे हुए व्यक्ति को खोजने में जल पुलिस या गोताखाेरों को कई बार घंटों लग जाते हैं। इसके चलते उसकी जान को खतरा हो जाता है। हालांकि, अब ऐसा नहीं होगा। इस बार महाकुंभ में पुलिस अंडरवाटर ड्रोन का इस्तेमाल करेगी। यह पानी में डूबे व्यक्तियों को पलभर में खोज निकालेगा। जल पुलिस के बेड़े में महाकुंभ से पहले यह उपकरण शामिल किया जाएगा। इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द इसकी खरीदारी होगी। महाकुंभ में एक साथ लाखों श्रद्धालु संगम व अन्य घाटों पर स्नान करते हैं।

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यहां नदी में हादसों को रोकने के लिए जल पुलिस व एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहती हैं। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होने के चलते उनकी सुरक्षा पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसी को देखते हुए महाकुंभ में हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल कर सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की योजना बनाई गई है।

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इनमें अंडरवाटर ड्रोन भी शामिल है। यह उपकरण एक मिनट में 1.5 किमी की दूरी तय कर सकता है और 300 मीटर के दायरे में मौजूद किसी भी व्यक्ति को खोज निकालने में सक्षम है। अफसरों का कहना है कि यह उस स्थिति में बेहद कारगर साबित होगा जब कोई व्यक्ति गहराई में चला गया हो। इसे घाट के किनारे पर मौजूद व्यक्ति लैपटॉप या जाॅयस्टिक से ऑपरेट किया जा सकेगा।

अंडरवाटर ड्रोन खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। कुंभ से पहले यह जल पुलिस को उपलब्ध करा दिया जाएगा। इससे नदी में स्नान के दौरान हादसा होने की स्थिति में बचाव कार्य में मदद मिलेगी। - राजेश द्विवेदी, एसएसपी कुंभ

अंडर वाटर सर्विलांस को भी मिलेगी मजबूती
  • अंडर वाटर ड्रोन से जल पुलिस को हादसे के दौरान बचाव कार्य के साथ-साथ अन्य मदद भी मिलेगी।
  • यह ड्रोन पानी के नीचे उन जगहों तक भी पहुंच सकेगा, जहां सामान्य गोताखोर नहीं पहुंच सकते।
  • पानी के नीचे दृश्यता कम वाले स्थानों पर सर्च ऑपरेशन या डीप वाटर बैरिकेडिंग की रिपेयरिंग में भी यह बेहद कारगर साबित होगा।
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