इलाहाबाद। रमजानुल मुबारक के दूसरे जुमे पर भी जामा मस्जिद चौक, मिर्जा गालिब रोड स्थित मस्जिद वसीउल्ला, शिया जामा मस्जिद चक सहित शहर की तमाम मस्जिदें रोजेदारों, अकीदतमंदों से भरी। जुमे की खास नमाज के दौरान इमाम जुमा व जमात ने जहां माहे मुकद्दस की फजीलतें बयां कीं, वहीं रमजान का दूसरा जुमा आने पर खुशी जाहिर की। यह भी कि रहमतों से भरा पहला अशरा पूरा होने को है। इसमें खुदा ने रोजेदारों को तमात नेमतें अता कीं।
इमामों ने कहा, माहे मुकद्दस खुशियों की सौगात लेकर आया है। रमज़ान का मुबारक महीना उन बेशुमार नेमतों एवं बरकतों में से एक है जो अल्लाह ने अपनी उम्मत से अता किया है। माहे मुकद्दस में अल्लाह ने कुराने पाक को दुुनिया की रहनुमाई के लिए नाजिल किया। यही वजह है कि इस माह रोजेदार पाकीजा और एहकाम पर अमल करते हैं। उन्होंने फिर फिर दोहराया, अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि जो इंसान इस महीने में रोजा रखता और अल्लाह की इबादत करता है, अल्लाह उससे खुश होकर उसके सभी गुनाहों को माफ कर देता है।