इलाहाबाद। प्रदेश सरकार ने नैनी से झूंसी को जोड़ने के लिए एलीवेटेड पुल और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के संगम स्नान के लिए लिफ्ट की योजना को अंतिम मंजूरी दे दी है। दो दिन पहले कैबिनेट की बैठक में इसके लिए 879 करोड़ रुपये भी मंजूर हो गए लेकिन नगर विकास मंत्री आजम खां की इस पुल के शिलान्यास और उसके बाद उद्घाटन की तमन्ना तभी पूरी होगी जब वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से सपा की सरकार बने। ऐसा इसलिए कि बजट मंजूर होने के बाद पुल का निर्माण बारिश के बाद अक्तूबर-नवंबर में शुरू होने की उम्मीद है। उसके बाद उसे पूरा होने में दो से ढाई वर्ष का समय लगेगा। तब तक विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो जाएगी। ऐसे में चुनाव के पहले पुल तैयार करना कंस्ट्रक्शन एेंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) के लिए बड़ी चुनौती होगा।
नैनी से झूंसी तक पुल और झूंसी की ओर लिफ्ट के जरिए संगम स्नान की व्यवस्था कराने की घोषणा नगर विकास मंत्री आजम खां ने महाकुंभ के दौरान की थी। इसे आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है। कुंभ के अलावा कई मौकों पर आजम यह भी इच्छा जता चुके हैं कि पुल का शिलान्यास और उद्घाटन वही करना चाहते हैं। यह तभी संभव होगा, जब पुल का निर्माण 2017 विधानसभा चुनाव के पहले पूरा हो या फिर चुनाव के बाद फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बने।
वैसे नैनी में अरैल से झूंसी में नवाब शरीफ की मजार तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण आसानी से शुरू हो सकेगा, इसकी भी संभावना कम है, क्योंकि पुल के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहीत की जानी है।
सीएंडडीएस ने अरैल और झूंसी की ओर इसके लिए कई गांवों में जमीन चिह्नित भी कर ली है। काश्तकार जमीन देने और मुआवजे को लेकर अड़चन खड़ी कर सकते हैं। हालांकि सीएंडडीएस के अफसरों ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। परियोजना प्रबंधक कैलाश सिंह का कहना है कि पुल के निर्माण में किसी तरह की अड़चन नहीं आएगी। टेंडर की प्रक्रिया शासन स्तर पर होगी। यह काम किसी बड़ी कंपनी से कराया जाएगा। शासन से पुल निर्माण की अनुमति मिलते ही काम शुरू होगा।