मवेशियों से फसल बचाने के लिए खेत में लगाए गए तार में करंट दौड़ाने से बहरिया के खलसा गांव में बुधवार दोपहर दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान कमलेश यादव (29) और उनके भतीजे प्रिंस यादव (14) के रूप में हुई है। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। सात घंटे तक शव नहीं उठने दिया। पुलिस ने आरोपी खेत मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
कमलेश और अर्पित धान की रोपाई के लिए बेहन लेने खेत जा रहे थे। वह गांव के ही नागेंद्र प्रताप सिंह के मक्के के खेत के पास से निकल रहे थे। नागेंद्र ने मवेशियों से फसल बचाने के लिए खेत के चारों ओर तार लगा रखे हैं। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि इनमें करंट दौड़ रहा है।
किसी कारणवश प्रिंस करंट की चपेट में आ गया। उसकी चीख सुनकर चाचा कमलेश बचाने के लिए दौड़े तो वह भी तार से चिपक गए। चीख सुनकर आसपास खेतों में काम रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। किसी तरह बिजली आपूर्ति बंद कराकर दोनों को खेत से बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मृतक के घर के सामने से निकली सड़क पर जाम लगा दिया। हंगामे की सूचना पर बहरिया पुलिस पहुंची। बिजली निगम के एसडीओ को भी बुलाया गया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। आरोपी की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपये आर्थिक मदद, दो बीघा जमीन और डीएम को बुलाने की मांग पूरी करने के लिए धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे बाद आरोपी खेत मालिक की गिरफ्तारी की सूचना पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया लेकिन अन्य मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। रात नौ बजे तक दोनों के शव घर के बाहर ही रखे थे।
थाना प्रभारी मानवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हादसे के बाद खेत मालिक नागेंद्र का परिवार घर छोड़कर भाग गया है। कमलेश के भाई अखिलेश की तहरीर पर नागेंद्र और उसके बेटे विनय प्रताप सिंह के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया गया है। नागेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।
खेत मालिक नागेंद्र प्रताप सिंह और उसके बेटे विनय प्रताप सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। नागेंद्र को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। परिजनों के कहने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर जांच कर रही है। -विवेक कुमार यादव, एसीपी फूलपुर
एकलौता बेटा था प्रिंस
कमलेश का भतीजा अर्पित सातवीं का छात्र था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पिता सुरेंद्र मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। इधर, कमलेश बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे। उन्होंने रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली थी। उनके पिता सीताराम यादव किसान हैं। कमलेश चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे।
करनाईपुर में मक्के के खेत के बगल खींचा है बिजली का तार जिसमें दौड़ रहा है करंट- फोटो : samvad
करनाईपुर में मक्के के खेत के बगल खींचा है बिजली का तार जिसमें दौड़ रहा है करंट- फोटो : samvad
करनाईपुर में मक्के के खेत के बगल खींचा है बिजली का तार जिसमें दौड़ रहा है करंट- फोटो : samvad
करनाईपुर में मक्के के खेत के बगल खींचा है बिजली का तार जिसमें दौड़ रहा है करंट- फोटो : samvad
करनाईपुर में मक्के के खेत के बगल खींचा है बिजली का तार जिसमें दौड़ रहा है करंट- फोटो : samvad
करनाईपुर में मक्के के खेत के बगल खींचा है बिजली का तार जिसमें दौड़ रहा है करंट- फोटो : samvad
करनाईपुर में मक्के के खेत के बगल खींचा है बिजली का तार जिसमें दौड़ रहा है करंट- फोटो : samvad
करनाईपुर में मक्के के खेत के बगल खींचा है बिजली का तार जिसमें दौड़ रहा है करंट- फोटो : samvad