मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में शनिवार को ‘साइबर जगत में मौजूदा अपराधों की प्रवृत्ति एवं उससे सुरक्षा’ विषय पर कार्यशाला में विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरों से आगाह किया। संस्थान के कंप्यूटर साइंस विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें देश भर से 101 स्नातक, परास्नातक और शोध छात्रों ने भाग लिया। पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. सुदर्शन तिवारी ने किया।
कार्यकारी निदेशक ने बताया कि डिजिटल युग में जानकारी की सुरक्षा बेहद अहम हो जाती है, क्योंकि सभी डाटा और उसमें निहित जानकारी डिजिटल रूप में मौजूद होती हैं। इसका अनाधिकृत प्रयोग घातक हो सकता है, इसे रोका जाना चाहिए। डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंह ने संस्थान में छात्रों के साथ हुए साइबर अपराधों से उत्पन्न परेशानियों को साझा किया। विभागाध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने बताया कि वर्तमान दौर में जब डाटा और उसका महत्व बहुत अधिक बढ़ा है, ऐसी दशा में इसका सुरक्षित संकलन और विश्लेषण अति महत्वपूर्ण हो जाता है। संयोजक प्रो आरएस यादव एवं कोआर्डिनेटर डॉ. रणविजय ने सुरक्षा संबंधित मौजूदा खतरों से प्रतिभागियों को आगाह किया। कार्यशाला के पहले सत्र में ट्रिपलआईटी के प्रो. शेखर वर्मा ने अपनी बात रखी। कार्यशाला का आयोजन सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से किया गया। इस मौके पर डॉ. रूपेश कुमार देवांग, डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. जीपी साहू एवं डॉ. डीके यादव मौजूद रहे।