दो स्पेशल एंबुलेंस से चार चिकित्सकों की निगरानी में किया गया रेफर
इसके बाद मुख्यमंत्री ने राघवेंद्र को बेहतर इलाज के लिए वहां से अन्यत्र भेजने का निर्देश दिया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सीएम के निर्देश के बाद गृह विभाग के अफसरों से बात की गई। राघवेंद्र को प्रयागराज से लखनऊ तक ले जाने के लिए गृह विभाग के निर्देश पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा की मौजूदगी में दो स्पेशल एंबुलेंस से चार चिकित्सकों की टीम की सघन निगरानी के बीच घायल सिपाही राघवेंद्र को एसजीपीजीआई के लिए रेफर किया गया।
राघवेंद्र की मई में होने वाली है शादी
रायबरेली के लालगंज कोरिहरा गांव निवासी सिपाही राघवेंद्र की मई में शादी होने वाली है। मां अरुणा के साथ अन्य परिजन भी एसआरएन पहुंच गए थे। परिवार के सदस्य भी साथ गए हैं। परिजनों के मुताबिक राघवेंद्र के पिता भी सिपाही थे। मृतक आश्रित कोटे के तहत उसकी भर्ती हुई है। उल्लेखनीय है कि उमेश पाल हत्याकांड में राघवेंद्र को दो गोली लगी थी, जिसमें से दोनों गोलियों को ऑपरेशन करके निकाला जा चुका है। चिकित्सकों के मुताबिक पेट में लगी गोली की वजह से घायल सिपाही राघवेंद्र की तबीयत बिगड़ती जा रही है। एंबुलेंस के आगे पीछे पुलिस की गाड़ी लगाई गई है। ताकि, किसी वजह से कि रास्ते में कहीं भी कोई भी दिक्कत या जाम का सामना न करना पड़े।
24 घंटे में दो बार बिगड़ी राघवेंद्र की हालत
चिकित्सकों ने सिपाही राघवेंद्र की हालत फिलहाल स्थिर बताई है। हालांकि उसकी हालत में लगातार उतार -चढ़ाव भी आ रहा है। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि राघवेंद्र की हालत शनिवार की शाम को बिगड़ गई थी, लेकिन अथक प्रयास के बाद स्थिति में सुधार आ गया। रविवार की सुबह भी हालत बिगड़ने लगी तो 10 से अधिक चिकित्सकों की टीम की मौजूदगी में सघन उपचार बाद सुधार आ गया तो राहत की सांस ली गई।