आधीरात छापेमारी से गांव में मचा रहा हड़कंप
मालूम हुआ कि कौशांबी के पश्चिम शरीरा क्षेत्र में रहने वाले एक पूर्व प्रधान ने पिछले तीन महीने में साबरमती जेल जाकर माफिया अतीक अहमद से छह बार मुलाकात की है। यह जानकारी मिलते ही जांच टीम में शामिल पुलिसकर्मियों के कान खड़े हो गए। इसके बाद पुलिस ने कौशांबी के पश्चिम शरीरा पहुंचकर पूर्व प्रधान को हिरासत में ले लिया। आधी रात हुई छापेमारी से गांव में हड़कंप मचा रहा।
इसके अलावा पश्चिम शरीरा क्षेत्र में ही रहने वाले एक अन्य युवक को भी पुलिस ने उठाया है जिसने वर्तमान में प्रयागराज की लूकरगंज में अपना ठिकाना बनाया हुआ है। पता चला है कि वह माफिया के भाई अशरफ से जेल में जाकर मुलाकात कर चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि फिलहाल दोनों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस नहीं हासिल कर पाई है। ऐसे में गोपनीय स्थान पर रखकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
एक शूटर से मिलता-जुलता है नाम
सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने कौशांबी के पश्चिम शरीरा से जिस पूर्व प्रधान को उठाया है, उसका नाम उमेश पाल हत्याकांड में शामिल एक शूटर से मिलता जुलता है। ऐसे भी यह भी सवाल उठे कि कहीं यह वह शूटर ही तो नहीं। हालांकि जांच पड़ताल में पता चला कि वह शूटर नहीं है, बल्कि माफिया का ही करीबी एक अन्य व्यक्ति है।
करेली व दरियाबाद के सफेदपोश भी रडार पर
जेल में बंद अतीक अहमद और अशरफ की तरह ही उसके बेटे अली से मुलाकात करने वाले भी पुलिस के रडार पर हैं। सूत्रों का कहना है कि दरियाबाद व करेली के दो सफेदपोश इस सूची में शामिल हैं। दोनों ने नैनी जेल में जाकर अतीक अहमद के बेटे और पांच करोड़ की रंगदारी मारने के मामले में निरुद्ध अली अहमद से मुलाकात की है। उनका अली से मुलाकात करने का क्या मकसद है, इस बाबत गोपनीय तरीके से पता लगाने में पुलिस जुटी हुई है।