एफआईआर को रद्द करने की मांग
गिरफ्तारी के डर से अब जैनब हाईकोर्ट में खुद हाजिर न होकर अपनी बड़ी बहन शबाना अनीस से हलफनामा दाखिल कराते हुए उमेश पाल हत्याकांड की एफआईआर को रद्द कराने की हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। वकालतनामे पर हस्ताक्षर जैनब फातिमा ने ही किए हैं। इसकी तस्दीक उसकी बहन ने की है। शासकीय अधिवक्ता कार्यालय से पुलिस को इस याचिका की प्रति भी भेजी जा चुकी है। अदालत में दलीलें पेश करने के लिए उमेश पाल की पत्नी जया के वकील भी नियुक्त किए जा चुके हैं।
चौंकाने की बात है कि जिस जैनब का पता लगाने के लिए पुलिस उसके भाई सद्दाम से पूछताछ का दावा करती रही है, वह इतना बेखौफ घूम रही है। उसकी बड़ी बहन को जैनब के बारे में सबकुछ पता है। यहां तक कि उसने हलफनामे में दस्तखत की तस्दीक करते हुए दावा किया है कि उसे बहन के केस के बारे में सबकुछ मालूम है। न जाने क्यों, पुलिस फिर भी उससे पूछताछ नहीं कर रही है।
अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन भी है फरार
24 फरवरी को हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद से आरोपी अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और पांच लाख के इनामी बमबाज गुड्डू मुस्लिम, शूटर साबिर और अरमान भी फरार हैं। इनकी खोजबीन के लिए पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं। कई राज्यों में दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक इनका कोई सुराग नहीं लगा है।