एसटीएफ को संदेह है कि वह उमेश पाल हत्याकांड में शामिल शूटरों खासकर अतीक के बेटे असद को सरेंडर कराने की कवायद में जुटा है। इसी वजह से एसटीएफ ने उसे अपने रडार पर ले रखा है।
जमीन के कारोबार में भी भूमिका
एसटीएफ के अधिकारियों की मानें बीते दो दशक में माफिया अतीक ने प्रयागराज और आसपास के इलाकों में अपनी दबंगई के बल पर हजारों करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों पर कब्जा किया अथवा अपने करीबियों के नाम पर सौदा कर लिया। इसका फायदा उसके करीबी अधिवक्ता को भी पहुंचा और वह बेहद कम समय में तमाम बेशकीमती संपत्तियों का मालिक बन गया।