नेपाल के रास्ते अन्य स्थानों पर भेजने का करता था काम
पूर्वांचल में कई बड़े अपराधी पैदा हुए। उनमें कुछ मारे गए तो कुछ अब भी जीवित हैं। जानकारों के मुताबिक, यहां अपराध करने वालों पर जब पुलिस का शिकंजा कसता था तो वे नेपाल में शरण लेते थे। कयूम अंसारी भी अपराधियों का शरणदाता रहा है।
तीन दिन नेपाल में रही टीम
बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने के बाद यूपी एसटीएफ की टीम तीन दिन नेपाल में रही। कयूम की सारी गतिविधियों पर नजर रखी थी। मौका मिलते ही उसे टीम ने उठा लिया। नेपाल के लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई इतनी जल्दी में हुई कि किसी को कोई पता नहीं चल सका। लोगों का कहना है कि कयूम का नेपाल में दबदबा है।