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उमेश पाल हत्याकांड : शाइस्ता-जैनब हाथ नहीं आईं, सूबे के सबसे बड़े इनामियों को भी पुलिस पकड़ नहीं पाई

Sat, 24 Feb 2024 09:01 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उमेश पाल हत्याकांड में नामजद पांच-पांच लाख के तीन इनामी शूटर 12 महीने बाद भी फरार चल रहे हैं। उमेश पाल के दोनों सुरक्षाकर्मियों पर गोली-बम बरसाकर मौत की नींद सुलाने वाले गुड्डू मुस्लिम का कुछ सुराग नहीं मिल सका है। अतीक की बहन आयशा नूरी तक को भी पुलिस नहीं खोज सकी है।

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शाइस्ता के साथ जैनब - फोटो : SOCIAL MEDIA
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विस्तार
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उमेश पाल हत्याकांड में अब तक की कार्रवाई को भले ही माफिया साम्राज्य के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, लेकिन कई बड़े इनामी अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। इस हत्याकांड को अंजाम देने में शामिल रहे पांच-पांच लाख के तीन इनामी शूटरों की गिरफ्तारी में मिली नाकामी पुलिस की किरकिरी की वजह भी बन रही है। शूटर गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान घटना के 12 महीने बाद भी नहीं पकड़े जा सके हैं।

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उधर, अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा उर्फ रूबी और अतीक-अशरफ की बहन आयशा नूरी भी अभी फरार ही हैं। दुस्साहसिक तरीके से अंजाम दी गई इस वारदात वारदात के दौरान गुड्डू मुस्लिम बम बरसा रहा था तो साबिर व अरमान ताबड़तोड़ गोलियां चलाते दिखे थे।

साबिर ने जहां राइफल से फायरिंग की थी वहीं अरमान पिस्टल से लगातार गोलियां चलता नजर आया था। खास बात यह है कि इन तीनों शूटरों ने ही उमेश पाल की सुरक्षा में लगे दो पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारा था। संदीप निषाद को साबिर और अरमान ने गोलियां मारी थीं तो राघवेंद्र पर गुड्डू मुस्लिम ने बम से हमला किया था। तीनों की तलाश में प्रयागराज पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ भी लगी लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

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मेरठ में आखिरी बार दिखा, अन्य शहरों में होने की भी आईं खबरें


इनामी गुड्डू मुस्लिम उमेश पाल हत्याकांड के बाद आखिरी बार मेरठ में दिखाई दिया। अतीक के बहनोई अखलाक अहमद के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में उसकी तस्वीर कैद हुई थी और इसके बाद ही पता चला था कि वह अखलाक के घर गया था। हालांकि इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। बीच में उसके अलग-अलग शहरों में होने की खबरें आती रहीं लेकिन कहीं से कोई पुष्टि नहीं हुई।

उधर साबिर आखिरी बार दो मई को खुल्दाबाद में पहुंचा था। यहां वह असद के दोस्त आतिन जफर के घर आया था। हालांकि इसी दौरान पुलिस के आने की भनक मिलते ही वह भाग निकला था। तीसरे शूटर अरमान की उमेश पाल हत्याकांड के बाद कोई खबर नहीं मिली। एक बार यह बात जरूर सामने आई कि वह एक पुराने मामले में आत्म समर्पण कर बिहार की गया जेल में चला गया है, लेकिन इसकी भी कोई पुष्टि नहीं हो सकी।

16 अप्रैल को आखिरी बार प्रयागराज में देखी गई थी शाइस्ता


50 हजार की इनामी अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन 16 अप्रैल को आखिरी बार प्रयागराज में देखी गई थी। अतीक अहमद की हत्या के बाद वह शूटर साबिर के साथ खुल्दाबाद में बेटे असद के दोस्त आतिन जफर के घर पहुंची थी। वह चोरी छुपे अतीक के जनाजे में भी शामिल होना चाहती थी, लेकिन भारी पुलिस फोर्स को देखकर मन बदल दिया और रात में ही वहां से निकल भागी। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। उधर आयशा नूरी के बारे में भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हैं तीनों शूटर


फरार चल रहे तीनों शूटर गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में भी शामिल हैं। तीनों पर पांच-पांच लाख का इनाम है और उनका नाम प्रदेश के सबसे बड़े इनामियों में शुमार है। बता दें कि प्रदेश के सबसे बड़े इनामी, जिन पर पांच-पांच लाख का इनाम घोषित है, उनमें से चार प्रयागराज के हैं। इनमें उमेश पाल हत्याकांड के तीन शूटरों के अलावा हजारों करोड़ों का गबन कर देश से भाग निकलने का आरोपी शाइन सिटी कंपनी का निदेशक राशिद नसीम भी शामिल है।

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शाइस्ता को छोड़कर अन्य के खिलाफ हो चुकी है कुर्की की कार्रवाई
 

उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रहे सात आरोपियों में से शाइस्ता परवीन को छोड़कर पांच के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई हो चुकी है। शूटर साबिर के मरियाडीह और गुड्डू मुस्लिम के चकनिरातुल स्थित मकानों को कुर्क किया जा चुका है। इसी तरह आयशा नूरी के मेरठ स्थित मकान का सामान भी पुलिस कुर्क कर चुकी है। उधर, जैनब के अकबरपुर सल्लाहपुर और अरमान के सिविल लाइंस स्थित घर का सामान भी कुर्क किया जा चुका है। पुलिस जल्द ही शाइस्ता की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में है।

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