पांच लाख के इनामियों में गुड्डू मुस्लिम और साबिर ही बचे हैं। पांच महीने बीत गए लेकिन दोनों का कुछ पता नहीं है। हत्याकांड के बाद पुलिस ने मौके से मिले खोखे और कारतूस को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ जांच के लिए भेजा था। बाद में अतीक के कर्बला स्थित दफ्तर से विदेशी कोल्ट पिस्टल समेत कई अन्य पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे।
इन सबको भी प्रयोगशाला भेजा गया। पता चला कि विदेशी कोल्ट पिस्टल से ही उमेश को मारा गया था। अतीक के बेटे असद ने इसी पिस्टल से उमेश को गोलियों से छलनी कर दिया था। अब पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती साबिर की रायफल की बरामदगी है। बैलेस्टिक रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि उमेश और दोनों सिपाहियों को रायफल से भी गोली लगी थी।
पुलिस पांच महीने बीतने के बाद भी न तो साबिर को पकड़ पाई न ही रायफल बरामद कर पाई। शाइस्ता के चुनाव प्रचार के समय साबिर के साथ कई वीडियो भी वायरल हुए थे। वह शाइस्ता का ड्राइवर होने के साथ साथ बाडीगार्ड भी था। पुलिस को शक है कि वह शाइस्ता के साथ हो सकता है।
मराठी युवती से की थी शादी
प्रयागराज। साबिर ने मुंबई में एक मराठी युवती से शादी की थी। वह धारावी में रहता था। वह एक जमीन के विवाद के सिलसिले में अतीक से मिला तो यहीं का होकर रह गया। बाद में वह शाइस्ता की गाड़ी चलाने लगा। शाइस्ता की सुरक्षा में वह साये की तरह रहता था।