इन्वेस्टर्स की भी सूची फाइनल, संपत्तियों की जब्ती-ध्वस्तीकरण की होगी कार्रवाई
उमेश पाल हत्याकांड के बाद अपराधियों पर सख्ती में जुटी योगी आदित्यनाथ सरकार अब माफिया के मददगारों पर भी शिकंजा कसने जा रही है। इसमें प्रयागराज विकास प्राधिकरण(पीडीए) ने 40 नामों की सूची तैयार की है। इसमें वह लोग हैं, जो अतीक एंड कंपनी की काली कमाई को रियल इस्टेट के कारोबार में खपा रहे हैं। इन पर पीडीए का चाबुक चलने वाला है। हफ्ते भर के भीतर अतीक के मददगारों की टीम-बी की चिह्नित की गई संपत्तियों को सील करने के साथ ही जब्ती और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो सकती है।
अतीक के मददगारों के रूप में परदे के पीछे से काम करने वाले ऐसे लोगों की संपत्तियां खंगालने के लिए इन दिनों पीडीए के अधिकारी -कर्मचारी दिन ही नहीं रात में भी पसीना बहा रहे हैं। मशक्कत के बाद अब तक 40 ऐसे लोगों के नाम सूचीबद्ध किए गए हैं, जो परदे के पीछे रहते हुए अतीक गिरोह के कालेधन को रियल एस्टेट के कारोबार में लगाने में जुटे हैं। नोटबंदी के बाद से गोरखधंधों से होने वाली उगाही की रकम को सही जगह इन्वेस्ट करने के लिए ऐसे लोगों की टीम-बी तैयार की गई थी, जो समाज में पूरी तरह से व्हाइट कॉलर दिखती है।
इन लोगों ने अपनी-अपनी कंपनियां बना रखी थीं। जिनमें अतीक की काली कमाई को एक नंबर में बनाने के लिए लगाया जाता था। ये लोग अपने नाम से रियल एस्टेट का कारोबार करते थे और मुनाफा का बड़ा हिस्सा अतीक को एक नंबर में पहुंचाते हैं। ताकि, कालेधन की चेन कहीं से पकड़ में न आने पाए। अब इन्हीं कारोबारियों के नामों की लिस्ट पीडीए ने तैयार की है। ऐसे लोग जो अचानक से रियल एस्टेट के धंधे में उतरे और रातोंरात आगे बढ़ गए, इन पर अब कार्रवाई की तैयारी है।