रजिस्टर में लिखे थे हिसाब किताब
बैग में आई फोन, असद का आधार कार्ड और एक रजिस्टर था। सूत्रों के मुताबिक फौरी तौर पर रजिस्टर को देखा गया। उसमें हिसाब किताब लिखे थे। उमेश पाल हत्याकांड के बाद तमाम लोगों को रुपये बांटे गए थे। तमाम नाम और उनके आगे पैसा लिखा। उमेश पाल की हत्या से संबंधित तमाम राज रजिस्टर में लिखे थे। अतीक के बेटे असद का आधार कार्ड भी बैग में मिला। इसके अलावा एक आईफोन भी मिला है। प्रारंभिक जांच के बाद यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आईफोन किसका है।
राकेश और कैश ने पूछताछ में यह भी बताया है कि अतीक के करबला स्थित कार्यालय से जितने असलहे, कारतूस और कैश बरामद हुआ था। वह सब शाइस्ता परवीन ने दिए थे। इतना ही नहीं उमेश पाल की रेकी करने वाले नियाज, सजर और अरशद कटरा के पास से जितने रुपये बरामद हुए थे, वे भी शाइस्ता ने ही दिए थे। दोनों ने शाइस्ता और परिवार वालों के करीबी कई नौकरों के नाम बताए हैं जिन पर वह काफी विश्वास करती थीं। जिन लोगों के नाम गुर्गो ने बताए हैं, उनकी तलाश की जा रही है।