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उमेश पाल हत्याकांड : अतीक की पत्नी शाइस्ता साजिश में थी शामिल, ग्रुप कॉलिंग के जरिए बनी योजना

Mon, 13 Mar 2023 10:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या की साजिश में शामिल थी। एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया है कि उमेश की हत्या की योजना बनाने के लिए अतीक, उसका भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता, बेटा असद आपस में व्हाट्सएप ग्रुप कॉल के जरिए बातचीत कर रहे थे।
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अतीक अहमद और उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या की साजिश में शामिल थी। एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया है कि उमेश की हत्या की योजना बनाने के लिए अतीक, उसका भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता, बेटा असद आपस में व्हाट्सएप ग्रुप कॉल के जरिए बातचीत कर रहे थे। इसके पुख्ता सुबूत मिलने पर शूटरों के साथ अब शाइस्ता भी एसटीएफ के निशाने पर आ चुकी है। वहीं एसटीएफ को एक फरार शूटर के बारे में भी पुख्ता जानकारी हाथ लगी है।

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जांच में सामने आया है कि उमेश पाल की हत्या के बाद असद ने सारे शूटरों के मोबाइल जमा कर लिए थे और उनको नए मोबाइल और सिम दिए थे। उसने सबके मोबाइल पर व्हाट्सएप एक्टिवेट करके इसके जरिए ही संपर्क करने को कहा था। एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया है कि बरेली जेल में 11 फरवरी को अशरफ से असद, शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान, गुड्डू मुस्लिम और गुलाम मिलने गए थे।



जेल में अशरफ से मुलाकात के लिए आने वालों को रोका नहीं जाता था। उनके हाथ पर मुहर लगाकर अंदर भेज दिया जाता था और मुलाकात रजिस्टर में उनका नाम-पता दर्ज नहीं होता था। बरेली जेल में हुई इस गैरकानूनी मुलाकातों की सीसीटीवी फुटेज प्रयागराज पुलिस को सौंप दी गयी है जिसकी एसटीएफ भी गहराई से छानबीन कर रही है।

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गिरफ्तारी से बचने के लिए शाइस्ता ने दाखिल की अग्रिम जमानत अर्जी

उमेश पाल हत्याकांड मामले में आरोपित शाइस्ता परवीन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला न्यायालय में सोमवार को अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है। अदालत मंगलवार को इस पर सुनवाई के लिए तिथि तय कर सकती है। अपनी अर्जी में शाइस्ता ने कहा है कि उसका इस घटना से कोई लेनादेना नहीं है और न ही कोई मतलब है। उसे सियासी रंजिश में फंसाया गया है। शाइस्ता के अधिवक्ता सौलत हनीफ खान ने कहा कि अर्जी दाखिल हो गई है। अब कोर्ट के आदेश पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। उमेश पाल हत्याकांड मामले में शाइस्ता फरार होने की वजह से 25 हजार रुपये की इनामी हो चुकी है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तारी से बचने के लिए शाइस्ता ने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है।
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