यहीं रहते हुए शाइस्ता की अतीक से शादी हुई थी। वह थाने के क्वार्टर में पली बढ़ी है, हेड कांस्टेबल की बेटी है, इसलिए पुलिस के दांवपेंचों से अच्छी तरह वाकिफ है। कई बार ऐसा हुआ कि पुलिस ने किसी गांव में दबिश दी, पता चला कि शाइस्ता कुछ घंटे पहले ही निकल गई। वह लगातार अपनी रिहाइश बदल रही है।
मोबाइल का प्रयोग नहीं कर रही है। न ही वे अपने करीबियों से संपर्क में हैं। इसी कारण पुलिस उसे नहीं पकड़ पा रही है। शाइस्ता को पकड़ने के लिए पुलिस राजरूपपुर, चकिया, मरियाडीह, असरौली, असरावल, हटवा और पूरामुफ्ती के तमाम गांवों में दबिश दे रही है।
उसे कौशांबी के कछारी इलाकों के गांवों में भी खोजा रहा है। पुलिस अधिकारी काफी दिनों से कह रहे हैं कि शाइस्ता न मिलीं तो उस पर इनाम बढ़ाया जाएगा। उसके पोस्टर जारी किए जाएंगे लेकिन पुलिस उसे ढूंढ नहीं पा रही है।