इलाहाबाद। पीएम मोदी की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नाम पर एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस योजना के तहत रसोई गैस वितरण के लिए एक देश के सभी राज्यों में डिस्ट्रीब्यूटर एवं डीलर नियुक्त करने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। ‘उज्ज्वला गैस एजेंसी’ नाम से इसका विज्ञापन भी पिछले दिनों प्रकाशित निकाला जा चुका है। विज्ञापन में दी गई वेबसाइट के माध्यम से इच्छुक लोगों से डिस्ट्रीब्यूटर एवं डीलर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए हैं। साथ ही रजिस्ट्रेशन कराने वालों से पांच हजार रुपये की डिमांड भी की गई है। इस बारे में पूछताछ के लिए कुछ लोग इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) के दफ्तर पहुंचे तो मालूम पड़ा कि यह पूरा मामला ही फर्जी है। यहां आईओसी के अफसरों ने स्पष्ट किया कि उज्ज्वला कनेक्शन सिर्फ आईओसी, बीपीसी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी की ओर से नामित एजेंसी ही जारी करती हैं।
पिछले माह के अंतिम सप्ताह में एक समाचार पत्र में विज्ञापन निकला कि उज्ज्वला योजना के तहत विभिन्न गैस कंपनियां उज्ज्वला योजना के तहत डिस्ट्रीब्यूटर्स एवं डीलर नियुक्त करना चाह रही है। विज्ञापन में दी गई एक वेबसाइट में इसके आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई। कुछ लोगों ने वेबसाइट खोली तो उसमें एक तीन पेज का आवेदन पत्र मिला। आवेदन पत्र को भरने के बाद आवेदनकर्ता के ई-मेल एड्रेस पर यूजर नेम, यूजर पासवर्ड आया। साथ ही यह भी कहा गया कि उनका सफलतापूर्वक पंजीकरण हो गया है। अब वे पांच हजार रुपये चेक, नेट बैकिंग आदि के माध्यम से भेज सकते हैं। कुछ आवेदनकर्ता आगे की कार्रवाई जानने के लिए इंदिरा भवन स्थित आईओसी दफ्तर पहुंचे। यहां लोगों की बात सुनकर आईओसी अफसर भी भौचक रह गए। बताया गया कि भारत सरकार की ऐसी कोई योजना ही नहीं है। क्योंकि जो कंपनियां इस समय काम कर रही है, उनकी एजेंसी के माध्यम से ही उज्ज्वला कनेक्शन दिए जाने का प्रावधान है। सिर्फ उज्ज्वला कनेक्शन के वितरण के लिए एजेंसी नामित करने की आईओसी, बीपीसी और एचपीसी कंपनी की कोई स्कीम नहीं है।
‘मामला गंभीर है। सिर्फ उज्ज्वला योजना के नाम पर एजेंसी दिए जाने का प्रावधान नहीं है। लोग ऐसे भ्रामक विज्ञापनों से बचें। ’
टीडी साबू, मुख्य संभागीय प्रबंधक, आईओसी।
केशव ने कहा, पेट्रोलियम मंत्रालय को कराएंगे अवगत
उज्ज्वला योजना के नाम पर गैस एजेंसी आवंटन के विज्ञापन के मामले पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि मामला गंभीर है। इस तरह के फर्जीवाड़े को रोके जाने की जरूरत है। उन्होेंने कहा कि केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय को इस बारे में अवगत कराया जाएगा।