इलाहाबाद। जेल में बंद भाजपा के पूर्व विधायक उदयभान करवरिया को रविवार को इलाहाबाद जंक्शन से सीधे नैनी जेल न ले जाने पर दरोगा समेत दस पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। दिल्ली में इलाज के बाद शहर वापस लाए गए पूर्व विधायक को जंक्शन पर ट्रेन से उतारने के बाद प्रिजन वैन से नैनी जेल ले जाना था, लेकिन पुलिसकर्मी पूर्व विधायक के साथ आई दो सफारी गाड़ी में बैठ गए। इसके बाद सफारी पूर्व विधायक के कल्याणी देवी स्थित घर के सामने रुकी। पूर्व विधायक उदयभान घर में करीब आधे घंटे रहे फिर पुलिसकर्मी पूर्व विधायक को जेल के लिए लेकर निकले। इसकी भनक एसएसपी को लग गई।
जांच के बाद एसएसपी ने ड्यूटी में लगाए गए पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
भाजपा के पूर्व विधायक उदयभान करवरिया जवाहर पंडित हत्याकांड में जेल में बंद हैं। तबीयत खराब होने पर उन्हें जेल से इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल भेजा गया था। बाद में उन्हें आपरेशन के लिए दिल्ली के एम्स में रेफर कर दिया गया था। इलाज के बाद रविवार सुबह विधायक को दिल्ली से ट्रेन से इलाहाबाद जंक्शन लाया गया। विधायक को जंक्शन से नैनी जेल ले जाने के लिए प्रिजन वैन के साथ दस पुलिसकर्मियों को ड्यूटी लगाई गई थी। जंक्शन पर पूर्व विधायक के समर्थक भी दो सफारी गाड़ी से पहुंचे थे।
पुलिसकर्मी उदयभान को प्रिजन वैन में बैठाने के बजाय सफारी में उनके साथ ही बैठ गए। खाली प्रिजन वैन पीछे चलने लगी। पूर्व विधायक का काफिला उनके घर पर पहुंचा। वहां आधा घंटा गुजारने के बाद पुलिसवाले पूर्व विधायक को लेकर जेल के लिए चले। इस बात की शिकायत किसी ने एसएसपी केएस इमैनुएल से कर दी। एसएसपी ने जांच कराई और प्रिजन वैन के ड्राइवर से पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। इस पर एसएसपी ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले दरोगा बलराम पुरी, हेड कांस्टेबिल जगदीश प्रसाद, सिपाही लाल बहादुर, हीरालाल, अनिल कुमार तिवारी, अवनीश कुमार, विनोद कुमार, राजेश कुमार, अरविंद कुमार, सुभाष राम को सस्पेंड कर दिया।