हॉस्टल न मिलने से हताश होकर आत्महत्या करने वाले छात्र रजनीकांत को न्याय दिलाने के लिए छात्रों का आमरण अनशन तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी डीएसडब्ल्यू दफ्तर के सामने जारी रहा। इस दौरान अनशन पर बैठे छात्र सौरभ विश्वकर्मा एवं एक अन्य छात्र की तबीयत बिगड़ गई। दोनों छात्रों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। छात्रों ने छात्रसंघ भवन के सामने कुलपति का पुतला भी फूंका।
अनशन पर बैठे छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर से कहा कि कुलपति से उनकी वार्ता कराई जाए लेकिन चीफ प्रॉक्टर इसके लिए तैयार नहीं हुए। छात्रों ने कहा कि कुलपति और डीएम से वार्ता किए बगैर अनशन खत्म नहीं होगा। छात्रों से बातचीत करने पहुंचे एसडीएम और सीओ ने आश्वस्त किया कि शुक्रवार को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल की डीएम से वार्ता कराई जाएगी।
छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, छात्र नेहा यादव, शक्ति रजवार ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर अनशन समाप्त कराने के लिए निष्कासन और डिग्री रद्द करने की धमकी दे रहे हैं लेकिन छात्रों की मांग पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा। छात्र किसी के दबाव में नहीं आएंगे। अनशन में रजनीकांत के पिता कैलाश यादव, मां चंदा देवी भी शामिल रहे। पुतला फूंकने वालों में छात्र नेता सोनू यादव, सुनील यादव, अंगद, पूजा सिंह, शिवा पांडेय भी शामिल रहे।