प्रधानमंत्री डिजिटलाइजेशन योजना के नाम पर कंसंल्टेंसी खोलकर करोड़ों की ठगी करने की आरोपी दो सगी बहनें पिता समेत गिरफ्तार कर ली गईं। वह पिछले आठ महीनों से फरार चल रही थीं। कर्नलगंज के दो मुकदमों के साथ ही उन पर वाराणसी में भी फर्जीवाड़े का केस दर्ज है। पुलिस ने बताया कि उन्हें जेल भेज दिया है।
आरोपियों में ज्योति व आशी सक्सेना व उनका पिता राजेंद्र सक्सेना निवासी मम्फोर्डगंज शामिल हैं। दोनों बहनों के खिलाफ दिसंबर 2020 और मार्च 2021 में कर्नलगंज थाने में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। पहले मुकदमे में शिवम तिवारी निवासी छोटा बघाड़ा ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी संस्था में लगाने के नाम पर उससे 16.40 लाख रुपये ले लिए। बाद में रुपये वापस मांगने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगीं।
इसी साल मार्च में स्कूल संचालिका वर्तिका सिंघल ने दोनों बहनों व उनकेपिता समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि कूटरचित दस्तावेज दिखाकर निवेश के नाम पर आरोपियों ने करोड़ों रुपये वसूल लिए और बाद में रकम देने से इंकार कर दिया। जान से मारने व झूठे मुकदमे में फंसाने की भी धमकी दी। पुलिस ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि आरोपियों केखिलाफ वाराणसी के जैतपुरा थाने में भी धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज है। उनकी तलाश की जा रही थी। सटीक सूचना पर शुक्रवार को उन्हें व उनके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया।