उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के आगरा मंडल में सिग्नल और टेलीकाम विभाग में तैनात डिप्टी चीफ मुकेश कुमार और सीनियर सेक्शन इंजीनियर विजय सिंह को रिश्वत लेने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रयागराज स्थित एनसीआर मुख्यालय से इसके लिए निलंबन पत्र भी भेज दिया गया है। एनसीआर प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में लिप्तता होने पर आगे भी जांच में भी रेलवे हर तरह का सहयोग करेगा।
दरअसल मंगलवार 21 फरवरी को सीबीआई की टीम ने आगरा स्थित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में छापा मारकर दो अफसरों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। साथ ही छह लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज करवाई गई। इसके बाद सभी आरोपियों को गाजियाबाद स्थित सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।
सीबीआई की जांच में स्पष्ट हुआ कि जयपुर स्थित मैसर्स शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड के एमडी शिव दयाल शर्मा, निदेशक आदित्य अवस्थी और कंपनी में सुपरवाइजर ब्रह्मानंद रेलवे अफसर मुकेश कुमार व विजय सिंह के लगातार संपर्क में थे। कंपनी को ठेका दिए जाने व बिल आदि पास कराने की जिम्मेदारी दोनों अधिकारियों ने ली थी। इसके एवज में अधिकारियों ने रकम मांगी थी। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय का कहना है कि दोनों अफसरों को को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच व कार्रवाई के अलावा कानूनी कार्रवाई भी होगी।