एसआरएन अस्पताल में खाली पड़े बेड।
- फोटो : prayagraj
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में तीन दिनों में दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लेकर चिकित्सालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर नर्सों ने शुक्रवार को हंगामा किया। नर्सों ने आरोप लगाया कि कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद मरीज को कार्डियोलॉजी विभाग में शिफ्ट करा दिया गया। इससे पूरा स्टाफ संक्रमण के दायरे में आ गया है। इसके बावजूद चिकित्सालय प्रशासन केवल दो नर्सों की जांच के लिए नमूना भेजा है और उन्हें क्वारंटीन में करने की बजाय ड्यूटी में लगा दिया गया।
कार्डियोलॉजी विभाग की नर्सो ने आरोप लगाया कि कार्डियोलॉजी विभाग से बुधवार को जिस मरीज को एसजीपीजीआई रेफर किया गया, वह कोरोना पॉजिटिव था। इस बात की जानकारी चिकित्सालय प्रशासन को थी। मरीज 16 जून की सुबह यहां आया था। उसे पहले ट्रायज रूम में रखा गया। उसकी जांच भी कराई गई लेकिन रिपोर्ट छुपाकर उसे कार्डियोलॉजी में शिफ्ट करा दिया गया। वहां सेंट्रल एसी भी है और कार्डियो के गंभीर मरीज भर्ती थे।
मरीज 17 जून की सुबह में शिफ्ट किया गया था। शाम को उसे एसजीपीआई रेफर कर दिया गया। कार्डियोलॉजी विभाग की नर्सों ने कहा कि मरीज चिकित्सालय के पूर्व एसआईसी का रिश्तेदार है। इस वजह से चिकित्सालय के अफसरों ने लापरवाही बरती। नर्सों ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा के साथ चिकित्सालय प्रशासन लापरवाही कर रहा है। विरोध किया गया तो केवल दो नर्सों का नमूना भेजा गया है।