पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा नई तैयारी के साथ चोला बदलने को तैयार है। इसके लिए अखाड़े से जुड़े सभी संतों, श्रीमहंतों के साथ ही महामंडलेश्वरों को भी सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के प्रति पूरी तरह से सक्रिय रहने और धर्म तथा समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्धता के साथ जुड़ने को कहा गया है।
फिलहाल योग्य एवं धर्म का प्रचार-प्रसार एवं समाज की सेवा करने वाले महामंडलेश्वरों की तलाश जारी है। जल्द ही महामंडलेश्वरों के रिक्त हुए दो पदों पर पट्टाभिषेक किया जाएगा।
सदस्यों को सक्रिय करने के क्रम में ही कार्रवाई करते हुए अखाड़े ने शाही स्नान में शामिल न होने तथा तकरीबन निष्क्रिय रहने वाले दो महामंडलेश्वरों को अखाड़े से बाहर का रास्ता
दिखाया था।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में अखाड़े के सचिव श्रीमहंत सत्यगिरि जी महाराज ने कहा कि परंपरा के मुताबिक आवाहन को सिर्फ सात महामंडलेश्वर बनाने का ही अधिकार है। अखाड़े में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी शिवेंद्र पुरी जी महाराज के अतिरिक्त महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी प्रज्ञानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी बालयोगेश्वरानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी आचार्य शेखर जी, महामंडलेश्वर स्वामी करुणानंद गिरि सहित पांच महामंडलेश्वर ही शामिल हैं।