दोनों लड़कियां आलमारी रखी चाबी से ताला खोलकर चलीं गईं। अधीक्षिका से तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया। उन्होंने तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। सीडब्लूसी चेयरमैन अखिलेश मिश्रा ने दो दिन पहले एफआईआर की जानकारी ली तो पता चला कि रिपोर्ट ही नहीं दर्ज है।
उन्होंने तुरंत दरोगा से बात कर एफआईआर के लिए कहा। चार अगस्त को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। सीडब्लूसी चेयरमैन ने बताया कि संस्था से एक साल में चार लड़कियां गायब हो चुकी हैं। संस्था की मांग पर वहां सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। इसके बाद भी बच्चियों का लापता होना लापरवाही का द्योतक है। इस मामले की जांच कराई जाएगी।