कैंट व धूमनगंज में प्रतियोगी छात्र समेत दो ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों घटनाओं में खुदकुशी की वजह का पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है। कैंट के राजापुर, ऊंचवागढ़ी स्थित लॉज में किराये पर रहने वाला दीपांशु पटेल एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह मूल रूप से प्रतापगढ़ के जेठवारा स्थित गंभीरा गांव का रहने वाला था।
बुधवार सुबह वह अपने कमरे से बहुत देर तक बाहर नहीं आया तो आसपास रहने वाले छात्रों ने उसे आवाज दी। बहुत देर तक कोई जवाब नहीं मिलने पर शक हुआ। इसके बाद छात्रों ने खिड़की से झांककर देखा तो वह फांसी पर लटका मिला।
सूचना पर पुलिस और कुछ देर बाद शहर में ही रहने वाले उसके मामा व अन्य परिजन आ गए। जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक दो भाइयों में बड़ा था और उसके पिता राजेंद्र लाल गुड़गांव में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। कैंट इंस्पेक्टर का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घरवाले भी कोई वजह नहीं बता सके।
मां घर लौटी तो हुई जानकारी
धूमनगंज के न्याय नगर, कन्हईपुर में मंगलवार रात सीता यादव (20) ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसके पिता नहीं हैं। मां उर्मिला नैनी स्थित एक फैक्ट्री में काम करती है। दो बहनों में बड़ी सीता ने हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। न्याय नगर में उर्मिला दोनों बेटियों संग एक रिश्तेदार के मकान में रहती थी। इंस्पेक्टर धूमनगंज राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि मंगलवार शाम उर्मिला कहीं गई थी। रात में घर लौटी तो देखा कि सीता फांसी पर लटकी हुई है। उसने ऐसा क्यों किया, इस बारे में वह कुछ नहीं बता सकी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।