क्या आप जानते हैं कि शहर कूड़े के ढेर पर बैठा है और किसी भी वक्त आप संक्रामक बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। कूड़ा उठाने के लिए जिम्मेदार हरी भरी कंपनी अपना काम नहीं कर रही और आपके घरों से प्रति दिन निकलने वाला तकरीबन 200 मीट्रिक टन कूड़ा डंपिंग ग्राउंड तक न पहुंचकर आपके घर के इर्द-गिर्द खाली पड़े किसी प्लॉट में जमा होकर सड़ांध पैदा करने के साथ ही आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। यह स्थिति दो माह से है और ऐसे में अब तक 12 हजार मीट्रिक टन कूड़ा इकट्ठा हो चुका है।
आमतौर पर शहर से रोजाना तकरीबन साढ़े पांच सौ मीट्रिक टन कूड़ा डंपिंग ग्राउंड पहुंचता है लेकिन ज्यादातर मोहल्लों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम ठप होने की वजह से इसमें से रोजाना तकरीबन 200 मीट्रिक टन कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के काम में लगी कंपनी हरीभरी ने जोन तीन कटरा क्षेत्र के अशोक नगर, राजापुर, स्टेनली रोड, म्योराबाद, ममफोर्डगंज, कटरा, कर्नलगंज, फिर जोन चार अल्लापुर और उसके बाद जोन दो मुट्टीगंज क्षेत्र के मोहल्लों में घर-घर कूड़ा कलेक्शन शुरू किया था। वर्तमान में ज्यादातर मोहल्लों में कूड़ा कलेक्शन बंद है। जोन दो मुट्ठीगंज, जोन तीन कटरा और जोन चार अल्लापुर के 53 वार्डों में से इन दिनों अशोक नगर, स्टेनली रोड, म्योराबाद, ममफोर्डगंज, अल्लापुर एवं मुट्टीगंज आदि के कई मोहल्लों में घर-घर कूड़ा कलेक्शन पूरी तरह बंद है, सो घरों से निकलने वाला कूड़ा आसपास खाली पड़ी जमीन पर फेंका जा रहा है।
इससे मोहल्लों में गंदगी बढ़ती जा रही है। वहीं खाली पड़ी निजी जमीन होने के कारण नगर निगम भी वहां से कूड़ा नहीं उठाता। ऐसे में भीषण गर्मी में संक्रामक बीमारी का खतरा उत्पन्न हो गया है। पिछले दिनों महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी और नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय ने समीक्षा में कंपनी के काम पर अंसतोष जताया और सुधार के लिए एक माह की मोहलत दी लेकिन अब तक इस बारे में रत्ती भर भी प्रगति नहीं हुई, जिसका खामियाज शहरियों को भुगतना पड़ रहा है।
इलाहाबाद। शहर में प्रतिदिन तकरीबन 550 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। ज्यादातर मोहल्ले से निकलने के बाद कूड़ा एजी ऑफिस, लीडर रोड, नूरुल्ला, हैजा अस्पताल परिसर, मुट्ठीगंज पंचमुखी और सम्मेलन मार्ग पर डंप होता है, जहां से उसे गाड़ियों के जरिए बसवार स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भेजा जाता है, जबकि अन्य मोहल्लों से निकलने वाला कूड़ा डंपिंग ग्राउंड के बजाए सीधे बसवार भेजा जाता है। वर्तमान में पंचमुखी, हैजा अस्पताल परिसर सहित कई छोटे डंपिंग ग्राउंड से नियमित कूड़ा नहीं उठ रहा है। नतीजा है वहां कूड़े का ढेर लग गया है। राजापुर कब्रिस्तान स्थित डंपिंग ग्राउंड बंद होने के बाद आसपास के मोहल्लों से यहां आने वाला कूड़ा अब एजी ऑफिस डंपिंग ग्राउंड भेजा जा रहा। इससे यहां काफी दूर तक कूड़े का ढेर लगा रहता है।
‘कुछ समय में सफाई व्यवस्था गड़बड़ हुई है। डंपिंग ग्राउंड से सुबह दस बजे के पहले और दूसरे राउंड में दिन में एक बजे के बाद कूड़ा उठता था लेकिन अब पंचमुखी, सम्मेलन मार्ग, मीरापुर आदि से दोपहर बाद एक बार कूड़ा उठ रहा है। नगर आयुक्त को इसमें सुधार के आदेश दिए गए हैं।’
अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर
‘डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन काम प्रभावित हुआ क्योंकि उसे एग्रीमेंट के तहत धनराशि नहीं मिल पा रही है। जब तक नगर निगम का बजट स्वीकृत नहीं होता, कंपनी को धनराशि नहीं दी जा सकती। हालांकि सफाई कर्मियों को मोहल्लों की सफाई का विशेष ध्यान रखने और डंपिंग ग्राउंड से कूड़ा उठाने की हिदायत दी गई।’
शेष मणि पांडेय, नगर आयुक्त