इस बार आठ किमी लंबी डीप वाटर बैरिकेडिंग
संगम व आसपास के स्नान घाटों पर इस बार आठ किमी लंबी डीप वाटर बैरिकेडिंग बनाई जाएगी। इसमें करीब आठ लाख का खर्च आएगा, जबकि दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन का करीब 1.60 लाख आंका गया है। इसके अलावा 25 वाटर स्कूटर भी जल पुलिस और पीएसी फ्लड टीम को उपलब्ध कराए जाएंगे। पानी पर तेज गति से दौड़ने वाले इन स्कूटरों से सुरक्षाकर्मी बहुत जल्द एक से दूसरे स्थान पर पहुंच सकेंगे।
डीआईजी पूर्वी जोन पीएसी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए लगभग 18 लाख के उपकरण खरीद को मंजूरी मिली है। उपकरणों को जल पुलिस व पीएसी के बेड़े में शामिल कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अंडर वाटर ड्रोन के साथ सोनार भी
- महाकुंभ के मद्देनजर जल पुलिस व पीएसी को उपलब्ध कराए जाने वाले उपकरणों में अंडर वाटर ड्रोन और सोनार भी शामिल है।
- सोनार रेडियो तरंगों के माध्यम से एक निश्चित दूरी पर पानी के नीचे मौजूद वस्तु या व्यक्ति का पता लगा लेगा।
- अंडर वाटर ड्रोन से पानी के नीचे की गतिविधि पर भी निगरानी की जा सकेगी। स्नान के दौरान नदी में हादसे की स्थिति में यह बेहद मददगार साबित होगा।
- चार अनाकोंडा मोटर बोट के अलावा 200 रस्सी युक्त थ्रो बैग व लकड़ी की 10 नावें भी महाकुंभ के लिए जल पुलिस व पीएसी फ्लड टीम को उपलब्ध कराई जाएंगी।