वहीं, दूसरी एफआईआर अतरसुइया थाने में रानीमंडी के मो. असलम ने दर्ज कराई। एफआईआर के मुताबिक वह वर्ष 2008 से मुहर्रम की आठवीं मेंहदी के ताजियादार हैं। वर्ष 2013 में परवेज अख्तर अंसारी ने जुलूस के अभिलेखों में हेरफेर कर बेटे शबाब का नाम हटवाकर मुमताज हुसैन का नाम जुड़वा दिया।
27 जुलाई को मेंहदी के जुलूस को काफी देर से उठाया गया, जो रानीमंडी से सेवई मंडी होते हुए नखास कोहना पहुंची। यहां पर पहले से ही अटाला का जुलूस जा रहा था। दोनों जुलूस आमने सामने आने से विवाद हो गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मो. असलम की तहरीर पर परवेज अख्तर अंसारी, एजाज हलवाई उर्फ एजाज नियाजी, मुमताज हुसैन और फैसल आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
अतीक के साथ परवेज की फोटो भी की वायरल, होगी जांच
परवेज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाले सऊद अख्तर और असलम ने परवेज और अतीक अहमद की साथ की एक फोटो भी वायरल की है। उनका आरोप है कि अतीक के परवेज से काफी अच्छे संबंध थे। इस मामले में डीसीपी शहर दीपक भूकर ने बताया कि परवेज के खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं, सबकी जांच की जा रही है। वायरल फोटो की भी जांच कराई जाएगी।
राजनीतिक शत्रुता के कारण दर्ज कराई गई रिपोर्ट : परवेज
कांग्रेस नेता परवेज अख्तर अंसारी ने कहा कि राजनीतिक शत्रुता के कारण रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। किसी कार्यक्रम में अतीक के साथ फोटो होने से कोई वह उनका करीबी नहीं हो जाता। घटना वाले दिन न तो उन्होंने जुलूस निकाला था और न ही अगुआई की थी। उनकी पत्नी पार्षद हैं, इस कारण वह उनके साथ चल रहे थे।
पत्नी है एआईसीसी मेंबर
परवेज अख्तर अंसारी की पत्नी मुमताज अंसारी तीन बार की पार्षद हैं। वह आल इंडिया कांग्रेस कमेटी की मेंबर भी हैं। परवेज ने बताया कि मिश्रित आबादी वाले इलाकों में त्योहारों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए उन्हें इस साल प्रशस्ति पत्र भी मिला है।