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Prayagraj News: इविवि में छात्र आंदोलन के बीच भिड़े दो गुट, जमकर मारपीट

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) परिसर में चल रहे एक छात्र संगठन के प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को जमकर मारपीट हुई। आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दूसरे गुट के लोगों ने हमला कर दिया। मारपीट में कई छह से सात छात्र घायल हुए हैं। घटना के बाद परिसर में तनाव है। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। उधर, छात्रों ने कर्नलगंज थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की है।
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दिशा छात्र संगठन पिछले कई दिनों से इविवि में प्रदर्शन कर रहा है। मंगलवार को संगठन के छात्र सुरक्षा कर्मियों के गलत व्यवहार के विरोध में परिसर में मार्च निकाल रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान एक छात्र गुट ने प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया।
संगठन के छात्रों के मुताबिक, सीनेट गेट पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की गई। इसमें कई छात्रों के सिर, हाथ-पैर और पेट में गंभीर चोटें आई हैं।
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छात्र नेता आशुतोष मौर्य और संगठन के कार्यकर्ताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, घायल छात्रों के समुचित इलाज और आंदोलनकारी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से फीस वृद्धि, सीट कटौती समेत विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
इविवि की जनसंपर्क अधिकारी प्रो. जया कपूर ने बताया कि विश्वविद्यालय के गेट नंबर एक पर दो छात्र गुटों के बीच विवाद और हाथापाई की जानकारी सुरक्षा कर्मियों ने प्रॉक्टर कार्यालय को दी थी।
घटना को लेकर अब तक किसी भी पक्ष ने विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसीपी कर्नलगंज विवेक यादव ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिली है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दो छात्रावासों के छात्रों में भी मारपीट
इविवि परिसर में छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर के बाद एसएसएल और हालैंड हॉल के अंत:वासी भी आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में काफी देर तक मारपीट हुई। घटना के बाद घायल छात्र कार्रवाई की मांग को लेकर कर्नलगंज थाने पहुंच गए। छात्रों ने मारपीट में घायल साथियों का मेडिकल परीक्षण न कराने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मामले में पुलिस ने एफआईआर भी नहीं दर्ज की है।
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