शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम की ओर से करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से 955 नालों की सफाई कराने का दावा किया गया है। मगर हालात ऐसे हैं कि जरा सी बारिश के बाद नाले ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगते हैं। भीषण जलभराव से शहर में हाय-तौबा मच जाती है। हर बारिश के बाद नगर निगम के दावों का दम निकलता नजर आता है।
रविवार देर रात हुई बारिश के बाद सोमवार को और अब मंगलवार को भी शहर में ऐसे ही हालात बने। 40 फीसदी मोहल्लों के नाले बारिश के बाद ओवरफ्लो हो गए। सड़कों और गलियों पर पानी भर गया। प्रमुख चौराहों के किनारे पानी जमा होने से यातायात प्रभावित रहा। सीएमपी व सूरज कुंड डॉट पुल में पानी घुटनों के ऊपर तक भर गया। स्कूल-कॉलेज और दफ्तर जाने वालों को परेशानी हुई। नाले का पानी हटने के बाद गलियों व सड़कों पर कीचड़ जमा गया। इससे फिसलन और गंदगी बढ़ गई है।
बारिश में काम, सड़क पर कीचड़
आधी अधूरी सफाई की वजह से नगर निगम को फिर से कई इलाकों में नालों की सफाई करानी पड़ रही है। कीचड़ सड़क पर निकालकर रखा जा रहा है। बारिश होते ही यह सड़क पर फैल जाता है।
सबसे खराब स्थिति
अल्लापुर बाघम्बरी हाउसिंग, जाफरी कॉलोनी, करैली, गौस नगर, करैलाबाद, अतरसुइया, रामबाग, बहराना, सूरज कुंड पुलिस चौकी डॉट पुल, सीएमपी डॉट पुल, जॉर्जटाउन, टैगोर टाउन, छोटा व बड़ा बघाड़ा, शिवकुटी, तेलियरंगज ट्रांसपोर्ट नगर व मम्फोर्डगंज सहित कई इलाकों की हालत बेहद खराब रही सोहबतियाबाग, अग्रसेन चौराहा, पीपल गांव, मुंडेरा समेत कई इलाकों के नाले ओवर फ्लो होकर सड़क पर बहने लगे। घुटने तक पानी भर गया।
वर्जन
कई जगहों से नाले चोक होने की शिकायत सामने आई है। इसका समाधान करवाया जा रहा है। पानी निकालने के लिए सभी जोन में पंप लगाए गए हैं। शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त