Mahakumbh : स्वामी आनंद स्वरूप के दो शिष्यों ने ली संन्यास की दीक्षा, समाज को नई दिशा देंगे युवा संत
Sat, 18 Jan 2025 07:07 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
सार
शाम्भवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज के दो शिष्यों ने संन्यास की दीक्षा ली है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों शिष्य ब्रह्मचारी से संन्यासी बन गए। संन्यास की दीक्षा लेने के बाद उपस्थित लोगों ने उन्हें धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में गुरु के आदर्शों पर चलने के लिए शुभकामनाएं दीं।
शाम्भवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज के दो शिष्यों ने संन्यास की दीक्षा ली है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों शिष्य ब्रह्मचारी से संन्यासी बन गए। संन्यास की दीक्षा लेने के बाद उपस्थित लोगों ने उन्हें धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में गुरु के आदर्शों पर चलने के लिए शुभकामनाएं दीं। कई धर्माचार्यों ने कहा कि धर्म के क्षेत्र में जीवन व्यतीत करने का संकल्प समाज के लिए शुभ संकेत है।
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कुंभनगर के सेक्टर नौ स्थित काली सेना शिविर में शांभवी पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप जी महाराज ने ब्रह्चारी शिवम वाजपेयी एवं राघवेंद्र मिश्रा को संन्यास की दीक्षा दी। अब शिवम वाजपेयी स्वामी सदानंद भारती एवं राघवेंद्र मिश्रा स्वामी विश्वेश्वरानंद भारती के नाम से जाने जाएंगे। संन्यास की दीक्षा लेने के बाद जब स्वामी सदानंद भारती एवं स्वामी विश्वेशरानंद भारती माथे पर भभूत लपेटे गुरु शिविर से बाहर निकले तो वहां का वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक हो गया।
उपस्थित धर्माचार्य एवं अन्य लोगोें ने धर्म पथ पर जीवन पर्यंत चलने के लिए दोनों को शुभकामनाएं दीं। दोनों शिष्यों को संन्यास की दीक्षा देने के बाद स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज ने कहा कि उनके दोनों शिष्य विद्वान एवं धर्म के मार्ग पर चलने वाले हैं। वे समाज को धर्म के क्षेत्र में नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि आज संत समाज को विद्वान एवं आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत युवाओं की जरूरत है। ऐसे ही युवा संन्यासी समाज को नई दिशा देंगे। उन्होंने स्वामी सदानंद भारती एवं स्वामी विश्वेशरानंद भारती को धर्म पथ आगे बढ़ने के लिए आशीर्वाद दिया।