संस्था के नाम पर भूमि आवंटन की जानकारी होने पर न सिर्फ उन्होंने मेला प्राधिकरण कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई, बल्कि पुलिस में भी धोखाधड़ी की शिकायत दी। जांच के बाद सामने आया कि संस्था पदाधिकारियों की ओर से मध्य प्रदेश निवासी सदस्य को पहले ही निष्कासित कर दिया गया है। इसके बावजूद उसने संस्था के नाम पर धोखे से शिविर में सुविधाएं ले ली। घंटों हिरासत में दोनों पक्षों से पूछताछ और दस्तावेज के आधार पर एडीएम विवेक चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश निवासी प्रशांत भार्गव की जगह संस्था के सचिव शिवदयाल मिश्रा व अन्य पदाधिकारियों को भूमि और सुविधाएं देने के निर्देश दिए।