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Mahakumbh : एक संस्था पर सुविधाओं के लिए दो दावेदार, हिरासत में घंटों पूछताछ

Sun, 22 Dec 2024 02:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दिल्ली में भजनपुरी स्थित संस्था रामायण एवं भागवत प्रचार निकुंज के नाम पर पंजीकृत है। इससे पहले भी संस्था की ओर से महाकुंभ में शिविर लगते रहे हैं, लेकिन इस बार जनसुनवाई के दाैरान शिविर में सुविधाओं के लिए दो-दो दावेदार सामने आने से विवाद खड़ा हो गया।
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एक संस्था के नाम पर दो लोग सुविधाएं लेने पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाकुंभ में शिविर लगाने वाली दिल्ली की एक संस्था पर शनिवार को दो दावेदार आमने-सामने आ गए। मामला उजागर होने के बाद मामले की जांच एडीएम विवेक चतुर्वेदी को साैंपी गई। उन्होंने दोनों पक्षों को तलब कर शनिवार को पूछताछ की। इस दाैरान दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पर अड़े रहे। इस पर एडीएम ने सच्चाई जानने के लिए कांस्टेबल बुलाकर दोनों को हिरासत में लेने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों से दावे के पक्ष में दस्तावेज तलब किए। घंटों चली पंचायत के बाद विवाद सुलझ सका।

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दिल्ली में भजनपुरी स्थित संस्था रामायण एवं भागवत प्रचार निकुंज के नाम पर पंजीकृत है। इससे पहले भी संस्था की ओर से महाकुंभ में शिविर लगते रहे हैं, लेकिन इस बार जनसुनवाई के दाैरान शिविर में सुविधाओं के लिए दो-दो दावेदार सामने आने से विवाद खड़ा हो गया। एक ओर संस्था के सचिव दिल्ली निवासी शिवदयाल मिश्रा थे तो दूसरी ओर मध्यप्रदेश निवासी संस्था के सदस्य रहे प्रशांत भार्गव।

दरअसल, 2019 के प्रयागराज कुंभ में संस्था के पदाधिकारियों ने शिविर के लिए मध्यप्रदेश निवासी प्रशांत भार्गव को जिम्मेदारी साैंपी थी। उन्होंने ही शिविर का संचालन किया था। इसके बाद इस बार के महाकुंभ में शिविर के लिए भी उन्हें मेला प्रशासन की ओर से सूचना दी गई थी। यही नहीं मेला प्रशासन की ओर से सेक्टर-17 में भूमि आवंटन के साथ उन्हें सुविधा पर्ची भी उपलब्ध करा दी गई, जिसके तहत शिविर में बिजली, पानी, शाैचालय, किचेन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थी। इस बीच दिल्ली निवासी संस्था के सचिव शिवदयाल मिश्रा भी मेला कार्यालय पहुंचे।

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संस्था के नाम पर भूमि आवंटन की जानकारी होने पर न सिर्फ उन्होंने मेला प्राधिकरण कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई, बल्कि पुलिस में भी धोखाधड़ी की शिकायत दी। जांच के बाद सामने आया कि संस्था पदाधिकारियों की ओर से मध्य प्रदेश निवासी सदस्य को पहले ही निष्कासित कर दिया गया है। इसके बावजूद उसने संस्था के नाम पर धोखे से शिविर में सुविधाएं ले ली। घंटों हिरासत में दोनों पक्षों से पूछताछ और दस्तावेज के आधार पर एडीएम विवेक चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश निवासी प्रशांत भार्गव की जगह संस्था के सचिव शिवदयाल मिश्रा व अन्य पदाधिकारियों को भूमि और सुविधाएं देने के निर्देश दिए।

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