नवाबगंज पुलिस व एसओजी ने नकली नोटों की तस्करी के मामले में प्रतापगढ़ निवासी प्रधानपति समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 6.5 लाख मूल्य के नकली नोट बरामद हुए हैं। उसे जाली नोट उपलब्ध कराने वाले की तलाश की जा रही है।
एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने बताया क चेकिंग के दौरान रविवार रात नवाबगंज के पटना उपरहार हाइवे पुलिया से दो लोगों को रोका गया। तलाशी में उनके कब्जे से 6.5 लाख मूल्य के नोट मिले। लेकिन वह रकम संबंधी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। थाने लाकर पूछताछ में पता चला कि बरामद सभी नोट नकली हैं।
पकड़े गए राजेंद्र कुमार गौतम निवासी सरायमहासिंह जेठवारा ने बताया कि उसकी पत्नी प्रधान है। पकड़ा गया दूसरा व्यक्ति अजय कुमार उर्फ धीरज भी उसका साथी है। दोनों को नकली नोटों की खेप जेठवारा बलीपुर निवासी उनके साथी गोविंद ने उपलब्ध कराई थी। लेकिन वह यह नहीं बता पाए कि गोविंद को यह नोट कहां से मिलते हैं। एसपी गंगापार ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गोविंद की तलाश की जा रही है।
विरोधी को फंसाने की भी थी तैयारी
पुलिस अफसरों ने बताया कि गिरफ्तार प्रधानपति नकली नोटों के जरिये अपने एक विरोधी को फंसाने की भी साजिश रच रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि प्रधानपति होने के नाते उसने सरकारी आवास दिलाने के नाम पर तमाम लोगों से पैसे ऐंठे लिए थे। जिसकी शिकायत गांव के ही शिवम सिंह की ओर से किए जाने पर जांच शुरू करा दी गई। इसी से खुन्नस खाकर वह नकली नोटों के जरिये शिवम को फंसाना चाहता था। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया है कि गोविंद उन्हें आधे दाम में नकली नोट उपलब्ध कराता था।