एफआईआर दर्ज होने के बाद अन्य के साथ ही इस प्रकरण की विवेचना भी ईओडब्ल्यू के पास चली गई थी। विवेचना के दौरान ही सीएमडी राशिद के चचेरे भाई फैज और शैलेंद्र का नाम सामने आया। इसी के बाद उनकी तलाश में ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर हेमंत कुमार अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे। फैज को शुक्रवार रात जबकि शैलेंद्र को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दोनों को सिविल लाइंस पुलिस के हवाले कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में फैज ने बताया कि कंपनी में उसे एडवाइजर का पद दिया गया था, जबकि शैलेंद्र कलेक्शन एजेंट था। वह क्लाइंट से रकम लेकर कंपनी को देता था, जिसके एवज में उसे मोटा कमीशन मिलता था। कंपनी के लिए काम करते हुए उसने करीब एक करोड़ की रकम जमा की थी। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट की अनुमति से जेल भेज दिया गया है।