एक तरफ प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद दावा कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार की कामधेनु परियोजनाओं के संचालन के तहत यूपी दुग्ध उत्पादन में देश में अग्रणी स्थान पर पहुंच गया है, वहीं दूसरी ओर तंगी से जूझ रही पराग डेयरी अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। डेयरी को ऑक्सीजन के रूप में दो करोड़ 34 लाख रुपये मिले है, जिससे डेयरी प्लांट का उच्चीकरण एवं आधुनिकीकरण कराया जाएगा। मंगलवार को इलाहाबाद आए बेसिक शिक्षा मंत्री ने बम्हरौली में मंदर मोड़ स्थित डेयरी परिसर में प्लांट के उच्चीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए भूमि पूजन किया।
मंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार में किसानों को तकरीबन 55 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान किया गया है। हालांकि वह यह स्पष्ट नहीं सके कि इलाहाबाद में किसानों के करोड़ों बकाए का भुगतान कब होगा और कर्मचारियों के वेतन का बकाया ढाई करोड़ रुपये एवं ईपीएफ का बकाया डेढ़ करोड़ रुपये कब मिलेेंगे। फिलहाल मंत्री ने वहां भूमि पूजन किया। पराग डेयरी के प्लांट के उच्चीकरण एवं आधुनकीकरण के लिए दो करोड़ 34 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इससे डेयरी में बनने वाले दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा और उत्पादन में समय भी कम लगेगा। हालांकि मौजूदा समय में डेयरी आर्थिक तंगी से जूझ रही है।
बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से डेयरी के सामने चुनौतियां और बढ़ गई हैं। पराग डेयरी अन्य निजी दुग्ध उत्पादन डेयरियों से काफी पिछड़ चुकी है। डेयरी प्रबंधन को उम्मीद है कि प्लांट के उच्चीकरण एवं आधुनिकीकरण के बाद डेयरी की स्थिति में सुधार आएगा। भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान कमिश्नर राजन शुक्ला, डीएम संजय कुमार, डेयरी महाप्रबंधक मृत्युंजय सिंह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश राय, विधायक गिरीश चंद्र पांडेय, हाजी परवेज अहमद, सपा जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह यादव, दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष श्रवण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन के पराग डेयरी परिसर में पहुंचने पर डेयरी कर्मियो ने पहले माला पहनाकर उनका स्वागत किया और फिर 30 माह से वेतन न मिलने पर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने अपने सीने पर कागज की पट्टी चस्पा कर रखी थी, जिस पर लिखा था कि वेतन न मिलने से कर्मचारी और उनका परिवार भुखमरी का शिकार हो रहा है। उन्हें बकाया वेतन दिया जाए। कर्मचारी नेता केएम त्रिपाठी के नेतृत्व में डेयरी कर्मियों ने मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। मंत्री ने कहा कि बकाया वेतन जल्द मिलेगा। अफसरों को निर्देश दिए कि इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही शासन को भेजें।