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गजब : ‘एसएचओ से पीड़ित’ नाम से बना दिया ट्विटर अकाउंट, 1221 ट्वीट किए जा जुके, 359 है फॉलोअर्स की संख्या

Mon, 03 Jul 2023 01:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

ट्विटर पर यह अकाउंट ‘एसएचओ हंडिया धर्मेंद्र कुमार दुबे के द्वारा पीड़ित’ नाम से बनाया गया है। इस अकाउंट के संक्षिप्त परिचय में लिखा है कि ‘एक बार हंडिया न्याय मांगने आइए खुद अपराधी बना देगी पुलिस’। जनवरी में यह अकाउंट बनाया गया यानी इसे संचालित होते हुए करीब छह महीने बीत चुके हैं।
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हंडिया इंस्पेक्टर से पीड़ितों का ट्विटर अकाउंट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हंडिया में एक बेहद अजीब मामला सामने आया है। यहां कुछ लोगों ने एसएचओ हंडिया से पीड़ित नाम से ट्विटर अकाउंट बना दिया है। खास बात यह है कि इस पर 1200 से ज्यादा ट्वीट हो चुके हैं और इस अकाउंट को 300 से ज्यादा लोग फॉलो भी कर रहे हैं। इसमें ज्यादातर शिकायतें हंडिया थाने से संबंधित हैं।

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ट्विटर पर यह अकाउंट ‘एसएचओ हंडिया धर्मेंद्र कुमार दुबे के द्वारा पीड़ित’ नाम से बनाया गया है। इस अकाउंट के संक्षिप्त परिचय में लिखा है कि ‘एक बार हंडिया न्याय मांगने आइए खुद अपराधी बना देगी पुलिस’। जनवरी में यह अकाउंट बनाया गया यानी इसे संचालित होते हुए करीब छह महीने बीत चुके हैं। वर्तमान समय में इसके कुल 359 फॉलोअर हैं और इससे कुल 1221 ट्वीट किए जा चुके हैं।

शिकायती पत्रों के साथ वीडियो-ऑडियो भी किए पोस्ट

इस ट्विटर अकाउंट पर शिकायती पत्र पोस्ट किए गए हैं। यह हंडिया थाने से संबंधित हैं और इनमें हंडिया थाने की पुलिस पर आरोप लगाए गए हैं। यही नहीं कई तस्वीरें और ऑडियो व वीडियो भी पोस्ट किए गए हैं। ऐसे ही एक वीडियो में कुछ लोग हथियार लेकर गालीगलौज करते नजर आ रहे हैं। वीडियो पोस्ट करने वाले ने लिखा है कि यह अवैध हथियार हैं, जिसकी जांच व कार्रवाई शिकायत के बाद भी नहीं की गई। उधर, कुछ लोगों की लहूलुहान हाल में तस्वीरें भी पोस्ट की गई हैं।

सिर फोड़ा व तोड़ दिया पैर, लेकिन नहीं की कार्रवाई

इस ट्विटर अकाउंट पर जो शिकायतें हैं उनमें से एक मिदिउरा गांव के महेश चंद्र पांडेय की है। उसने बताया कि पिछले साल नवंबर में बच्चों के झगड़े में शिकायत करने गए उसके भाई दिनेश चंद पांडेय पर जानलेवा हमला किया। बैट व राइफल की बट मारकर सिर फोड़ा गया और लोहे की राॅड से पैर की हड्डी तोड़ दी गई।

तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने तीन दिन बाद मामूली धाराओं में मुकदमा लिखा। वह अस्पताल में मौत से लड़ रहा था और उधर उसका मुकदमा लिखने के एक मिनट बाद ही उल्टा उसके खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई और पुलिस समझौते का दबाव बना रही है। आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर उसे फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।
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इंस्पेक्टर बोले- नहीं चलाता ट्विटर-फेसबुक, मामले की जानकारी नहीं

इस मामले में हंडिया इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार दुबे से बात की गई तो उन्होंने ऐसे किसी अकाउंट की जानकारी से इन्कार किया। यह भी कहा कि वह ट्विटर व फेसबुक नहीं चलाते, ऐसे में इस बारे में कुछ नहीं बता सकते।
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