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Prayagraj News: सड़क हादसे में ट्रक चालक की मौत, मुआवजे के लिए प्रदर्शन

Wed, 12 Jul 2023 01:26 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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मीरगंज/सीबीगंज। नेशनल हाईवे पर लभारी पुलिस चौकी के पास सोमवार देर रात शीतल पेय लेकर जा रहे ट्रक की अज्ञात वाहन से टक्कर हो गई। हादसे में बल्लिया शंका गांव के रहने वाले ट्रक चालक वीरेंद्र (25) घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मंगलवार को शाम के समय मुआवजे की मांग को लेकर परिजन शीतल पेय बनाने वाली कंपनी के गेट पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। देर रात फैक्टरी प्रबंधन और परिजनों में समझौता हो गया।
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वीरेंद्र सीबीगंज स्थित एक शीतल पेय कंपनी का ट्रक चलाते थे। सोमवार देर रात वह ट्रक में शीतल पेय लेकर मुरादाबाद जा रहे थे। लभारी पुलिस चौकी के पास अज्ञात वाहन से ट्रक की टक्कर हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद चालक केबिन में फंस गया। काफी देर तक प्रयास करने के बाद भी उसे बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके बाद पुलिस ने क्रेन बुलाई। क्रेन की मदद से चालक को केबिन से बाहर निकालने के बाद एंबुलेस से इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
इलाज के दौरान वीरेंद्र की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। देर शाम परिजन मुआवजे की मांग को लेकर शीतल पेय बनाने वाली फैक्टरी के सामने धरने पर बैठ गए। सूचना पर उनके गांव के कई लोग वहां पहुंच गए। हंगामा बढ़ने पर तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। आक्रोशित परिजनों को पुलिस ने समझा-बुझााकर शांत किया।
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पुलिस के हस्तक्षेप के बाद फैक्टरी प्रबंधन और परिजनों की बातचीत शुरू हुई। कई घंटे की बातचीत के बाद देर रात मुआवजे पर परिजन सहमत हो गए। फैक्टरी के अधिकारियों ने 1.25 लाख रुपये तुरंत देकर बची धनराशि बाद में देने का आश्वासन दिया। देर रात परिजन शव लेकर चले गए। मामले में प्रभारी निरीक्षक मीरगंज हरेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रक को चौकी पर खड़ा कराया गया है।
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मांगने के बाद भी नहीं मिली छुट्टी
फैक्टरी के गेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे परिजनों ने बताया कि तीन दिन से बिना सोए वीरेंद्र ट्रक चला रहा था। उसने फैक्टरी के अधिकारियों से एक दिन का अवकाश मांगा था मगर उन्होंने अवकाश देने से मना कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही के चलते ही वीरेंद्र की मौत हुई है।

तीन जुलाई को हुई थी सगाई
वीरेंद्र की शादी फतेहगंज पश्चिमी के ही एक गांव की रहने वाली युवती से तय हुई थी। तीन जुलाई को उसकी सगाई हुई थी। परिजन विवाह की तैयारियों में जुटे थे। इससे पहले ही हादसे में वीरेंद्र की मौत के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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