हत्या के प्रयास की घटना में वांछित चल रहे युवक को पकड़ने पर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। अधिवक्ताओं ने साथी अधिवक्ता से अभद्रता का आरोप लगाते हुए मेयोहाल चौराहे पर प्रदर्शन किया। इससे प्रयागराज-लखनऊ हाईवे समेत चारों ओर जाम लग गया। अफसरों के समझाने पर तीन घंटे बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।
प्रधानपुत्र राहुल पांडेय होलागढ़ कस्बा का रहने वाला है। वह हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहा था। घटना 27 जून को हुई थी, जिसमें कस्बे के ही रहने वाले धीरज पांडेय को गोली मार दी गई थी। मामले में राहुल की तलाश चल रही थी। सोमवार शाम चार बजे के करीब उसकी लोकेशन मिलने पर एसओजी टीम ने मेयोहाल पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया और चली गई।
उधर, एक अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि एसओजी के जवानों ने उनसे अभद्रता की। गालीगलौज और धक्कामुक्की कर भाग निकले। जानकारी होने पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता जुट गए और मेयोहाल चौराहे पर जाम लगा दिया। सूचना पर कर्नलगंज व सिविल लाइंस थाने की फोर्स पहुंची, लेकिन अधिवक्ता नहीं माने।
कुछ देर बाद शिवकुटी व जार्जटाउन थाने की फोर्स लेकर एसीपी राजेश कुमार यादव भी पहुंच गए। बातचीत चलती रही, लेकिन अधिवक्ता प्रदर्शन खत्म करने को राजी नहीं हुए। करीब तीन घंटे तक मान-मनौव्वल चलती रही। इसके बाद शाम सात बजे के करीब अधिवक्ता माने और जाम खुलवाया जा सका। एसीपी शिवकुटी ने बताया कि अधिवक्तओं को समझाया गया तो वे शांत हो गए। इसके बाद जाम खत्म कराकर यातायात सुचारु करा दिया गया।
मेयोहाल चौराहा तीन घंटे तक जाम रहने का नतीजा यह हुआ कि आसपास के सभी रास्तों पर वाहनाें की लंबी कतार लग गई। स्टैनली रोड पर मेयोहाल से सिविल लाइंस व दूसरी ओर ट्रैफिक चौराहे तक जाम लग गया। यही हाल मेयोहाल से धोबीघाट और जहाज चौराहा व मनमोहन पार्क चौराहा जाने वाले रास्ते का रहा। शाम सात बजे के करीब जाम तो खत्म हो गया, लेकिन इसका यातायात पर असर काफी देर तक दिखाई दिया। रात नौ बजे के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।