शहीद अशफाकउल्ला खां की जयंती पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद एवं शहीद-ए-आजम भगत सिंह स्मारक समिति की ओर से शनिवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि मेरे लिए गौरव की बात है कि अशफाक की जयंती पर मैं यहां पर मौजूद हूं। देश की आजादी के लिए अनेक क्रांतिकारियों ने अपने प्राण न्योछावर किए हैं। उप्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन शुरू हुआ था। वीर सावरकर ने 1847 की क्रांति के इतिहास को सबके सामने रखा। बिस्मिल खां, राजेंद्र प्रसाद, रोशन सिंह, लोहिरा, भगत सिंह देश की आजादी के लिए सभी हंसते हुए फांसी पर चढ़े। सुभाष चंद्र बोस ने सेना बनाई तो लाल-बाल-पाल ने संघर्ष को आगे बढ़ाया। अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य से हमें देश निर्माण का सपना पूरा करना होगा। शहीदों के प्रति यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इससे पूर्व उप्र सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा 21 गन शाट फायर कर, सम्मान गारद द्वारा सलामी और पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्र भक्ति धुन बजाकर खिराजे अकीदत पेश किया गया। विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजू मरकरी ने की। कार्यक्रम का संचालन महासचिव राजबहादुर गुप्ता और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. बल्लभ मिश्र ने किया।
राष्ट्रीय युवा क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से चौक स्थित एतिहासिक नीम के पेड़ के नीचे अशफाक उल्ला खां को दीप जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिलाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि देश के युवाओं को क्रांतिकारियों से सीख लेनी चाहिए। इस दौरान सुनील वर्मा, अजित सिंह, राकेश कुमार, अतुल तिवारी आदि मौजूद रहे। युवा क्रांतिकारी अधिवक्ता संघ ने भी सिविल लाइंस स्थित शहीद वॉल पर अशफाक उल्ला खां को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में फकरुद्दीन, मो. नजर इकबाल कुरैशी, इक्तेदार अहमद, सुनील चौधरी, विपिन कुमार सोनकर, जनार्दन यादव आदि उपस्थित रहे।