इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में प्रवेश और परीक्षा शुल्क के साथ ट्रांसक्रिप्ट, डुप्लीकेट डिग्री आदि निकलवाने के लिए निर्धारित शुल्क में भी कई गुना वृद्धि कर दी गई है। लेकिन, इसकी जानकारी इविवि की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई है। ऐसे में आवेदन करने वाले अभ्यर्थी परेशान हैं।
उदाहरण के तौर पर पूर्व में ट्रासंक्रिप्ट निकलवाने के लिए पांच सौ रुपये शुल्क निर्धारित था, जो अब बढ़ाकर दो हजार रुपये कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर इसके लिए जो फॉर्म वेबसाइट पर अपलोड है, उसमें पांच सौ रुपये शुल्क लिखा है। इस वृद्धि के बारे में इविवि की वेबसाइट पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में जो अभ्यर्थी शहर के बाहर रह रहे हैं और ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं, वे परेशान हैं।
पुणे में नौकरी कर रहे इविवि से वर्ष 1999 में स्नातक कर चुके फतेह बहादुर सिंह को भी इसी तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ा। ऑनलाइन शुल्क जमा करते वक्त जब दो हजार रुपये का विकल्प सामने आया तो इसकी तस्दीक करने के लिए उन्होंने इविवि के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया, लेकिन उन्हें कोई उचित जवाब नहीं मिला।
इसी तरह माइग्रेशन सर्टिफिकेट शुल्क 100 से बढ़ाकर 500 रुपये, डुप्लीकेट डिग्री जुर्माना पांच सौ से बढ़ाकर दो हजार रुपये, डुप्लीकेट माइग्रेशन शुल्क 100 से बढ़कर 250 रुपये, प्री पीएचडी परीक्षा शुल्क दो से बढ़ाकर 10 हजार रुपये, डुप्लीकेट मार्कशीट शुल्क 100 से बढ़कर 200 रुपये किया गया है। वहीं, अन्य प्रकार के शुल्क भी बढ़ाए गए हैं।
पिछले दिनों हुई कार्य परिषद की बैठक में अंतिम मुहर लगने के बाद शुल्क बढ़ोतरी तो लागू कर दी गई, लेकिन इसके हिसाब से आवेदन पत्र अपडेट नहीं किए गए। वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध न होने के कारण अभ्यर्थियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि नए फॉर्म तैयार किए जा रहे हैं और शीघ्र ही बदली हुई जानकारी के साथ वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।